राज्य ब्यूरो, पटना। वर्ष 2016 में लागू की गई नोटबंदी के दौरान कथित गड़बड़ी करने वाले एक बैंककर्मी को बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने शुक्रवार को झारखंड के कोडरमा से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अरविंद कुमार के रूप में हुई है। वह वर्तमान में बैंक ऑफ इंडिया की कोडरमा के फुलवारिया शाखा में पदस्थापित था।
अरविंद कुमार मूल रूप से दानापुर के पंचवटी नगर का निवासी बताया गया है। ईओयू की कार्रवाई के बाद पुराने मामले ने फिर सुर्खियां बटोर ली हैं।
गया शाखा में तैनाती के दौरान लगा गड़बड़ी का आरोप
ईओयू के अनुसार, नोटबंदी लागू होने के समय अरविंद कुमार बैंक ऑफ इंडिया की गया शाखा में कार्यरत था।
आरोप है कि उसने अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर अवैध लेन-देन को अंजाम दिया। वादी राजेश Kumar के बैंक खाते का इस्तेमाल कथित रूप से इस लेन-देन में किया गया।
बताया गया है कि खाताधारक की जानकारी के बिना लाखों रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ। इसी आरोप को लेकर मामला दर्ज कराया गया था।
शिकायत के बाद ईओयू ने संभाली थी जांच
इस मामले में वादी राजेश कुमार की शिकायत पर गया के सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंप दी गई। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई।
ईओयू की जांच में अरविंद कुमार की भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई तेज की गई। इसके बाद उसके खिलाफ निगरानी अदालत से गिरफ्तारी आदेश जारी किया गया।
कोडरमा से दबोचा गया आरोपी बैंककर्मी
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद ईओयू की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। आखिरकार शुक्रवार को झारखंड के कोडरमा से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अब उससे पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
नोटबंदी के दौरान हुई कथित अनियमितताओं पर यह कार्रवाई एक बड़ी कड़ी मानी जा रही है।