महान क्रिकेट गैरी सोबर्स का निधन, खेल जगत में शोक की लहर, 2 हफ्ते बाद मनाने वाले थे जन्मदिन – legendary west indies all rounder sir garfield sobers passes away at 89


वेस्टइंडीज के महानतम ऑलराउंडर सर गार्फील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। सोबर्स ने अपने 90वें जन्मदिन से महज दो हफ्ते पहले दुनिया को अलविदा कह दिया।

garry sobers
गैरी सोबर्स का निधन हुआ
नई दिल्ली: क्रिकेट जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। वेस्टइंडीज के महानतम और खेल इतिहास के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में शुमार सर गार्फील्ड सोबर्स का 89 साल की आयु में निधन हो गया है। विशेष बात यह है कि उन्होंने अपने 90वें जन्मदिन से ठीक दो सप्ताह पहले इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर से पूरी खेल दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है।

क्रिकेट के सबसे ऑलराउंडर थे गैरी सोबर्स

सर गार्फील्ड सोबर्स को दुनियाभर में क्रिकेट इतिहास का अब तक का सबसे बेजोड़ ऑलराउंडर माना जाता है। उन्होंने साल 1954 से 1974 के बीच करीब दो दशकों तक वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के लिए मैदान पर अपनी जादुई चमक बिखेरी। सोबर्स की खासियत यह थी कि वे एक ही समय में वर्ल्ड स्तरीय बल्लेबाज, घातक तेज गेंदबाज बेहतरीन स्पिनर और एक कमाल के फील्डर थे।

शानदार रहा करियर

अगर उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैचों में प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 57.78 की बेमिसाल औसत से 8032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे। गेंदबाजी में भी उनका लोहा पूरी दुनिया मानती थी, उन्होंने अपनी सटीक और विविध गेंदबाजी के दम पर टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट चटकाए। इसके अलावा मैदान पर अपनी चीते जैसी फुर्ती से उन्होंने 109 कैच भी पकड़े।

16 साल की उम्र में डेब्यू

सोबर्स की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने महज 16 साल की उम्र में साल 1953 में बारबाडोस के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था। उनकी इस अनोखी और जादुई प्रतिभा को सेलेक्टर्स ने तुरंत पहचाना और इसके ठीक अगले ही साल यानी 1954 में उन्हें वेस्टइंडीज की नेशनल टीम से टेस्ट डेब्यू करने का सुनहरा मौका मिल गया।
इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने के बाद उन्हें दुनिया में अपना लोहा मनवाने में ज्यादा वक्त नहीं लगा। साल 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए सोबर्स ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा जो आगे चलकर नाबाद 365 रनों की एक ऐतिहासिक पारी में तब्दील हो गया। टेस्ट की एक पारी में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का यह विश्व रिकॉर्ड अगले 36 सालों तक कोई नहीं छू सका जिसे आखिरकार साल 1994 में वेस्टइंडीज के ही महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने तोड़ा था।

दीपेश शर्मा

लेखक के बारे मेंदीपेश शर्मा दीपेश शर्मा वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) डिजिटल में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने साल 2021 में ‘ज़ी न्यूज़’ से अपने करियर की शुरुआत की और बहुत कम समय में अपनी सटीक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन से पहचान बनाई। वे जनवरी 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। पत्रकारिता में ऑनलाइन न्यूज डेस्क पर उन्हें काम करने का 4.5 साल का अनुभव है। पत्रकारिता में सक्रिय होने से पहले दीपेश कई खेलों में स्टेट लेवल के खिलाड़ी रह चुके हैं। उन्होंने बैडमिंटन और ताइक्वांडो में स्टेट लेवल तक प्रतियोगिताओं में भाग लिया है।

विशेषज्ञता: दीपेश शर्मा खास तौर पर खेल की खबर, ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें, एक्सप्लेनर और रिसर्च आधारित खबरें करते हैं। इसके अलावा वह क्रिकेट, बैडमिंटन, रेसलिंग, एथलेटिक्स, WWE, हॉकी और टेनिस जैसे खेलों की गहरी समझ रखते हैं। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वह वीडियो एंकरिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और वीडियो एडिटिंग में निपुण।

शिक्षा: मूल रूप से हरियाणा के पलवल के रहने वाले दीपेश ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से बैचेलर में स्नातक किया। उन्होंने साल 2021 में अपनी स्नातक डिग्री पूरी की थी।और पढ़ें