वेस्टइंडीज के महानतम ऑलराउंडर सर गार्फील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। सोबर्स ने अपने 90वें जन्मदिन से महज दो हफ्ते पहले दुनिया को अलविदा कह दिया।

क्रिकेट के सबसे ऑलराउंडर थे गैरी सोबर्स
सर गार्फील्ड सोबर्स को दुनियाभर में क्रिकेट इतिहास का अब तक का सबसे बेजोड़ ऑलराउंडर माना जाता है। उन्होंने साल 1954 से 1974 के बीच करीब दो दशकों तक वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के लिए मैदान पर अपनी जादुई चमक बिखेरी। सोबर्स की खासियत यह थी कि वे एक ही समय में वर्ल्ड स्तरीय बल्लेबाज, घातक तेज गेंदबाज बेहतरीन स्पिनर और एक कमाल के फील्डर थे।
शानदार रहा करियर
अगर उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैचों में प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 57.78 की बेमिसाल औसत से 8032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे। गेंदबाजी में भी उनका लोहा पूरी दुनिया मानती थी, उन्होंने अपनी सटीक और विविध गेंदबाजी के दम पर टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट चटकाए। इसके अलावा मैदान पर अपनी चीते जैसी फुर्ती से उन्होंने 109 कैच भी पकड़े।
16 साल की उम्र में डेब्यू
सोबर्स की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने महज 16 साल की उम्र में साल 1953 में बारबाडोस के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था। उनकी इस अनोखी और जादुई प्रतिभा को सेलेक्टर्स ने तुरंत पहचाना और इसके ठीक अगले ही साल यानी 1954 में उन्हें वेस्टइंडीज की नेशनल टीम से टेस्ट डेब्यू करने का सुनहरा मौका मिल गया।
इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने के बाद उन्हें दुनिया में अपना लोहा मनवाने में ज्यादा वक्त नहीं लगा। साल 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए सोबर्स ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा जो आगे चलकर नाबाद 365 रनों की एक ऐतिहासिक पारी में तब्दील हो गया। टेस्ट की एक पारी में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का यह विश्व रिकॉर्ड अगले 36 सालों तक कोई नहीं छू सका जिसे आखिरकार साल 1994 में वेस्टइंडीज के ही महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने तोड़ा था।
