भरतपुर में फर्जी पट्टों का खेल: तीन लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज…प्रशासक और VDO के फर्जी हस्ताक्षर व सील से बनाए पट्टे


Bayana Police Station

बयाना थाना पुलिस (ETV Bharat Bharatpur)

भरतपुर: जिले की बयाना पंचायत समिति की ग्राम पंचायत कारबारी में फर्जी पट्टे तैयार कर तहसील कार्यालय में पंजीकृत कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. खुलासे के बाद ग्राम पंचायत की वर्तमान प्रशासक (सरपंच) ने सदर थाना बयाना में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, फर्जी हस्ताक्षर एवं सरकारी सील के दुरुपयोग सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया है. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की.

ग्राम पंचायत की वर्तमान प्रशासक (सरपंच) राजबाई गुर्जर ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि आरोपी डूंगर सिंह, बनवारी और सोहन सिंह ने पंचायत प्रशासक (सरपंच) तथा ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के फर्जी हस्ताक्षर किए और पंचायत की नकली सील का इस्तेमाल कर अपने नाम से पट्टे तैयार कर लिए. इनमें डूंगर सिंह और बनवारी के नाम 292.77-292.77 वर्ग गज तथा सोहन सिंह के नाम 250 वर्ग गज का पट्टा बनाया गया. आरोप है कि इन फर्जी पट्टों के आधार पर तहसील कार्यालय में उनका विधिवत पंजीकरण भी करा लिया गया.

Case of a forged land lease registered at the police station

थाने में दर्ज फर्जी पट्टा मामला (ETV Bharat Bharatpur)

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रिकॉर्ड में नहीं मिला कोई पट्टा: रिपोर्ट में कहा गया कि कारबारी पंचायत के आधिकारिक अभिलेखों की जांच करने पर इन तीनों व्यक्तियों के नाम से कोई भी पट्टा जारी होना नहीं पाया गया. जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी पट्टों पर अंकित क्रमांक पहले से ही वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत की ओर से अन्य व्यक्तियों को जारी किए गए वैध पट्टों के हैं. इससे स्पष्ट हुआ कि पुराने पट्टा क्रमांकों का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए.

Case registered at Bayana police station

बयाना थाने में मामला दर्ज (ETV Bharat Bharatpur)

जांच का विषय: मामले सामने आने के बाद प्रशासक राजबाई गुर्जर ने सदर थाना बयाना में रिपोर्ट दर्ज कराई. थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी पट्टे तैयार करने और तहसील कार्यालय में पंजीकृत कराने की प्रक्रिया में कहीं अन्य व्यक्तियों या अधिकारियों की भी भूमिका तो नहीं रही. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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