Maharashtra NCP Power play: महाराष्ट्र में शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शरदचंद्र पवार के एनडीए में आने की अटकलों के बीच वित्त विभाग को लेकर घमासान तेज हो गया है। शरद गुट की एंट्री से सुनेत्रा पवार के इम्तिहास की घड़ी है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में बड़े खेला की संभावना व्यक्त की जा रही है।
हाइलाइट्स
- महाराष्ट्र में संसद के मॉनसून सत्र पहले गरमाई राजनीति
- शरद गुट की एंट्री से वित्त विभाग की लड़ाई हुई और तेज
- सुनेत्रा पवार या फिर शरद गुट के बीच छिड़ा है घमासान

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पाटिल-आव्हाड को सौंपा जिम्मा
सूत्रों का कहना है कि पार्टी प्रमुख शरद पवार और सुप्रिया सुले ने पार्टी के एनडीए में शामिल होने को लेकर बातचीत का जिम्मा जयंत पाटील और जितेंद्र आव्हाड को सौंपी है, हालांकि, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इसके विरोध में हैं। शिंदे नहीं चाहते हैं कि वित्त विभाग एनसीपी के पास जाए। शिंदे चाहते हैं कि वित्त विभाग मुख्यमंत्री के पास ही रहे। वहीं एनसीपी अजित पवार गुट भी वित्त विभाग अपने पास रखने की कोशिश में लगा है। सूत्रों के मुताबिक उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने भी इसी मुद्दे पर पिछले दिनों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की है। उनका तर्क है कि वित्त विभाग उनके पिता अजित पवार के पास था इसलिए यह विभाग उनकी पार्टी को मिलना चाहिए। इसी मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने भी सीएम से मुलाकात कर चुके हैं।
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क्या है राजनीतिक समीकरण
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक सहित अन्य महत्वपूर्ण बिल पास कराना चाहती है। इसके लिए उसे एनसीपी शरद पवार गुट के 8 सांसदों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। शरद गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने महिला आरक्षण और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर समर्थन देने के संकेत दिए हैं। पवार गुट के कांग्रेस और एनसीपी अजित पवार गुट के साथ विलय की बात नहीं बनी। इसलिए अब एनडीए के साथ जाने की अटकलें लगने लगी हैं। विधान भवन में एकनाथ शिंदे की ऑफिस में शरद पवार की विधायकों के साथ बैठक इसका बड़ा सकते है।
सुनेत्रा के रुख पर सबकी नजर
वहीं बीजेपी दोनों एनसीपी के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने दोनों एनसीपी के विलय की स्थिति में केंद्र और राज्य में अतिरिक्त मंत्री पद देने की पेशकश की है। लेकिन सुनेत्रा पवार, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे दोनों एनसीपी के विलय के पक्ष में नहीं हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि यदि एनसीपी से बात नहीं बनी तो शरद पवार गुट एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ राजनीतिक गठबंधन कर सकता है। इसके जरिए एनडीए में पार्टी की एंट्री आसान हो जाएगी। भविष्य में जो भी चुनाव होंगे, उसमें सीट शेयरिंग शिंदे गुट और शरद पवार गुट के बीच में होगी।
वित्त विभाग को लेकर क्यों है शिंदे का विरोध
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट इसके पक्ष में नहीं है कि वित्त विभाग एनसीपी के पास जाए। शिंदे गुट के एक नेता ने कहा कि वित्त मंत्रालय होने के नाते एनसीपी विकास कार्यों के लिए फंड (पैसे) बांटने में पक्षपात करती है। इसके लिए शिंदे गुट के मंत्रियों एवं विधायकों ने कई बार शिकायत की है। साथ ही एकनाथ शिंदे नहीं चाहते कि वित्त विभाग जैसा महत्वपूर्ण विभाग एनसीपी को मिले।
