Iran US War Live News : Sixth Day Of Attack On Iran | America Ka Iran Par Hamla Hua Airport News- अमेरिका ने ईरान पर जोरदार हमला किया है


Iran US Clash Live: अमेरिका और ईरान के बीच टकराव लगातार खतरनाक होता जा रहा है. अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान के अलग-अलग इलाकों पर हमला किया. वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवार की सुबह राष्ट्र को संबोधित करेंगे. गुरुवार-शुक्रवार रात हमले में इस बार निशाने पर सिर्फ सैन्य ठिकाने नहीं रहे, बल्कि दक्षिणी ईरान के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पुल और कम्युनिकेशन से जुड़े ढांचे पर भी हमले की खबरें सामने आई हैं. ईरानी मीडिया का दावा है कि इन हमलों में कई नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है. दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है.

हमले ऐसे समय हुए हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो दिन पहले ही खुलकर कह चुके थे कि अगर ईरान बातचीत की मेज पर नहीं आया तो उसके बिजलीघरों और पुलों को भी निशाना बनाया जाएगा. अब ताजा हमलों के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि हालात और बिगड़ सकते हैं और संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैलने का खतरा बढ़ गया है.

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी शहर ईरानशहर के एयरपोर्ट के पास धमाके हुए और वहां मिसाइल गिरी. बंदर अब्बास में रेलवे जंक्शन पर हमला हुआ, जिसमें दो कर्मचारी घायल हो गए. इसी शहर में एक कम्युनिकेशन टावर को भी निशाना बनाया गया, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और कई लोग घायल हुए. वहीं होरमोजगान प्रांत में बंदर खमीर के पास दो पुलों पर भी हमले की खबर है. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में दो लोगों की मौत हुई और चार घायल हुए. नुकसान के बाद कई अहम सड़क मार्ग बंद कर दिए गए.

इसके अलावा क़ेश्म द्वीप, चाबहार, बुशेहर और अहवाज समेत कई इलाकों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं. ये सभी इलाके फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हैं, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल समुद्री रास्ते से गुजरता है. इसलिए इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी चिंता का विषय माना जा रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ताजा कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के लिए खतरा पैदा करने में किया जाता है. हालांकि ईरान का आरोप है कि हमले परिवहन और नागरिक ढांचे पर किए जा रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं.

Iran US Clash Live: अमेरिका ने खाड़ी में फिर दागीं मिसाइलें, ईरान के तेल टैंकर पर दो दिन में दूसरा हमला!

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुका है. फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खार्ग आइलैंड के पास खड़े एक ईरानी तेल टैंकर पर दो दिनों के भीतर लगातार दूसरी बार मिसाइल दाग दी है. बुशहर प्रांत के डिप्टी गवर्नर ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि ‘बेलमा एन.आई.22’ नाम का ये तेल टैंकर पूरी तरह से खाली था, जिसे अमेरिकी फाइटर जेट्स ने लगातार दूसरी बार निशाना बनाते हुए दो घातक मिसाइलें दागकर बुरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है. क्या आप जानते हैं कि अमेरिका ने हाल ही में ईरान की नाकेबंदी दोबारा शुरू की है और इस खाली पड़े टैंकर को दो दिन पहले भी अमेरिकी विमानों ने हेलफायर मिसाइलों से निशाना बनाया था.

कतर में सबसे बड़े अमेरिकी एयरबेस पर ईरानी हमले का दावा, पेंटागन में हड़कंप!

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है क्योंकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कतर की राजधानी दोहा के बाहरी इलाके में स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य ठिकाने ‘अल उदेद एयर बेस’ पर एक भीषण और अचंभित करने वाला हमला करने का दावा किया है. हालांकि, इस भीषण दावे की अमेरिकी सेना या कतर सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. ये वही एयरबेस है जहां आमतौर पर 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं और जो अमेरिकी सेंट्रल कमांड का सबसे मुख्य फॉरवर्ड हेडक्वार्टर है. कतर इस पूरे संघर्ष के दौरान लगातार यह कहता रहा है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल अमेरिकी सेना ईरान पर हमला करने के लिए कभी नहीं करेगी.

Iran US Clash Live: ईरानी सेना ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया!

ईरान की कट्टरपंथी सेना रेवोल्यूशनरी गार्ड ने एक बड़ा दावा किया है. सरकारी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरानी सेना ने खुज़ेस्तान प्रांत के रामशीर शहर में एक अमेरिकी सैन्य ड्रोन ‘RQ-11 रेवेन’ को मार गिराया है. चौंकाने वाली बात ये है कि इस हाई-टेक अमेरिकी ड्रोन को किसी बड़े मिसाइल सिस्टम से नहीं, बल्कि स्थानीय बासिज कोर के जवानों ने हल्के हथियारों की अंधाधुंध फायरिंग करके आसमान से नीचे उतार दिया. बता दें कि कंपनी द्वारा बनाया गया यह RQ-11 रेवेन ड्रोन आकार में काफी छोटा होता है, जिसे अमेरिकी सैनिक हाथ से फेंककर लॉन्च करते हैं और इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से जासूसी और रेकी करने के लिए किया जाता है.

ईरान के ‘अमेरिकी सैनिकों को मारने’ के दावे पर भड़का अमेरिका, CENTCOM बोला- ‘सब झूठ है, हमारा कोई जवान नहीं मरा’!

सीरिया में अमेरिकी सैनिकों को मार गिराने और बंधक बनाने के ईरान के बड़े दावे को अमेरिकी सेना ने सिरे से खारिज करते हुए इसे कोरा झूठ करार दिया है. दरअसल, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया था कि उन्होंने सीरिया-जॉर्डन सीमा पर स्थित अल-तंफ (al-Tanf) सैन्य बेस पर अचानक हमला करके अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के कमांड सेंटर को तबाह कर दिया है और कई सैनिकों को मार डाला है. इस दावे के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट जारी कर साफ शब्दों में कहा कि इस इलाके में हाल-फिलहाल में न तो कोई अमेरिकी सैनिक मारा गया है और न ही किसी को बंदी बनाया गया है. हैरान करने वाली बात यह है कि खुद सीरिया की सेना ने भी ईरान के इस दावे की हवा निकाल दी है; सीरियाई सैन्य सूत्रों का कहना है कि इस बेस पर ईरान की तरफ से ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है, और वैसे भी अमेरिकी सेना इस साल फरवरी में ही इस बेस को पूरी तरह खाली करके जा चुकी है.

Iran US Clash Live: तुर्किये को F-35 लड़ाकू विमान देने पर अड़े ट्रंप, नेतन्याहू की खुलेआम आलोचना से भड़के!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच तुर्किये को F-35 स्टील्थ फाइटर जेट बेचने के मुद्दे पर भारी तनाव पैदा हो गया है. दरअसल, नेतन्याहू ने अमेरिकी प्रशासन द्वारा तुर्किये को इन अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की बिक्री की योजना की सार्वजनिक रूप से तीखी आलोचना की थी, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप बुरी तरह भड़क गए. व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप इस बात से बेहद नाराज (Pissed Off) थे कि नेतन्याहू ने अमेरिका के हथियारों की डील के मामले में दखल देने की कोशिश की, जिसके बाद उन्होंने इजरायली पीएम के साथ होने वाली एक अहम बैठक को शेड्यूल करने से साफ मना कर दिया. जहां नेतन्याहू का तर्क है कि तुर्किये को F-35 विमान देने से मिडिल ईस्ट का सैन्य संतुलन बिगड़ जाएगा और इजरायल की हवाई बादशाहत को खतरा होगा, वहीं ट्रंप ने नेतन्याहू को कड़ा संदेश देते हुए साफ कर दिया है कि उन्हें अमेरिकी रक्षा सौदों के फैसलों में टांग अड़ाने का कोई हक नहीं है.

कुवैत पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से हड़कंप, खाड़ी देश ने दी खुली चेतावनी- ‘ये बेहद खतरनाक कदम’!

ईरान और कुवैत के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है क्योंकि ईरान ने कुवैत के एक पावर स्टेशन और पानी को साफ करने वाले प्लांट (डिसैलिनेशन प्लांट) पर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला बोल दिया है. इस भयानक हरकत की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन बताया है. कुवैत सरकार ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाला ईरान का यह आक्रामक रवैया पूरे इलाके की शांति और स्थिरता के लिए एक बेहद खतरनाक कदम है. इसके साथ ही कुवैत ने दुनिया को चेताया है कि वह अपनी हिफाजत और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत कोई भी जरूरी और सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा.

ईरान के इमाम ने भरी हुंकार- ‘कातिलों को सजा देकर ही लेंगे दम’!

तेहरान में शुक्रवार की नमाज के दौरान मुख्य इमाम मोहम्मद जवाद हाजी अली अकबरी ने एक बेहद आक्रामक बयान देते हुए सर्वोच्च नेता अली खामनेई की मौत का बदला लेने का खुला ऐलान किया है. उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि ईरान के लिए बदले का पहला कदम इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले कातिलों को कड़ी से कड़ी सजा देना है. इतना ही नहीं, उन्होंने आगे की रणनीति बताते हुए कहा कि इस रास्ते पर चलते हुए उनका अगला मकसद मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना को बाहर खदेड़ना, पश्चिम एशिया के नक्शे से इजरायल का नामोनिशान मिटाना और दुनिया भर में अमेरिका की चौधराहट को हमेशा के लिए खत्म करना है. अपने इस भड़काऊ खुतबे में इमाम ने जोर देकर कहा कि बदले की ये मांग सिर्फ कोई जज्बाती उबाल नहीं है, बल्कि ये पूरी तरह से तर्क, शरिया कानून और उनके अधिकारों पर आधारित है, जिसे अब पूरे इस्लामिक मुल्क ने अपना सबसे बड़ा मिशन बना लिया है.

Iran US Clash Live: अमेरिका के हमलों के बाद ईरान में बत्ती गुल, सरकार ने लोगों से की बिजली बचाने की अपील!

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान में हड़कंप मच गया है और वहां के ऊर्जा मंत्रालय ने अपने नागरिकों से बिजली की खपत कम करने की सख्त अपील की है. दरअसल, दक्षिणी ईरान में ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचों पर हुए अमेरिकी हमलों के बाद पूरे देश का पावर ग्रिड भारी दबाव में आ गया है. शुक्रवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने बताया कि भीषण गर्मी की मार झेल रहे दक्षिणी इलाकों के पावर ग्रिड पर इन हमलों के कारण भारी लोड बढ़ गया है. हालांकि, सरकार ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि अमेरिका ने सीधे बिजलीघरों को निशाना बनाया है, ट्रांसमिशन लाइनों को उड़ाया है या फिर किसी दूसरे जरूरी उपकरण को मटियामेट किया है.

Iran-US War Live: ईरानी हमले में कुवैत का बिजली और पानी प्लांट क्षतिग्रस्त

Middle East Crisis: कुवैत के Ministry of Electricity, Water and Renewable Energy ने कहा है कि ईरान के ताजा हमले में देश का एक बिजली उत्पादन और समुद्री पानी को मीठा बनाने वाला (Water Desalination) संयंत्र निशाना बना. हमले के बाद संयंत्र में आग लग गई और वहां नुकसान हुआ. मंत्रालय के मुताबिक, दमकल टीमों ने आग पर काबू पा लिया है. तकनीकी टीमें प्रभावित इकाइयों की मरम्मत और उन्हें दोबारा सेवा में लाने का काम कर रही हैं. साथ ही पूरे बिजली ग्रिड की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. स्थिति को देखते हुए मंत्रालय ने देश के नागरिकों और निवासियों से बिजली की खपत कम करने और जरूरत के मुताबिक ही बिजली इस्तेमाल करने की अपील की है.

Iran-US War: इराक में ईरानी कुर्द लड़ाकों पर मिसाइल हमला

Middle East Crisis: इराक के Sulaymaniyah में मौजूद Kurdistan Workers’ Association of Iran के एक अधिकारी ने दावा किया है कि मिसाइल हमले में कम से कम आठ ईरानी कुर्द लड़ाकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. संगठन के अधिकारी ने कहा कि उनके मुख्यालय पर छह मिसाइलें दागी गईं, जिससे इमारत में आग लग गई. उनके मुताबिक, इस हमले में आठ लड़ाकों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए हैं.

Iran-US War Live: Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप, सिर्फ 3 जहाज पार कर सके

Middle East Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्ग Strait of Hormuz पर भी दिखाई देने लगा है. शिपिंग डेटा के मुताबिक, गुरुवार को सिर्फ तीन कमोडिटी जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजर सके. यह मई के बाद एक दिन में सबसे कम ट्रांजिट है. हालिया ईरानी हमलों और ईरान से जुड़े जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी फिर से शुरू होने के बाद ज्यादातर जहाज या तो रुक गए या बीच रास्ते से वापस लौट गए. Kpler के आंकड़ों के अनुसार, Miraan नाम का प्रतिबंधित प्रोडक्ट टैंकर और Norita नाम का छोटा LPG जहाज ईरानी मार्ग से बाहर निकले, लेकिन दोनों Gulf of Oman में जाकर रुक गए, जहां अमेरिकी नाकेबंदी लागू है.

Iran-US War: US एयरस्ट्राइक में चाबहार पोर्ट का निगरानी टावर ढहा?

Middle East Crisis: अमेरिका द्वारा शुक्रवार को किए गए हवाई हमलों में ओमान की खाड़ी में स्थित ईरान के चाबहार बंदरगाह का एक निगरानी टावर ढहता हुआ दिखाई दिया. यह बंदरगाह अफगानिस्तान के लिए अहम व्यापारिक मार्ग माना जाता है. अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने टावर के ढहते हुए प्रतीत होने वाली तस्वीर भी साझा की, जो इससे पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी थी. ईरान के सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि चाबहार बंदरगाह पर तीसरी बार हमला हुआ है. हालांकि, उसने अब तक यह पुष्टि नहीं की है कि निगरानी टावर वास्तव में ढह गया है या नहीं.

Iran-US War: चीन और पाकिस्तान ने US-ईरान से बातचीत शुरू करने की अपील

Middle East Crisis: चीन के विदेश मंत्री Wang Yi और पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने अमेरिका और ईरान के बीच तत्काल बातचीत फिर से शुरू करने और युद्धविराम बनाए रखने की अपील की है. चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच शंघाई में गुरुवार को हुई बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि Wang Yi ने सभी पक्षों से युद्धविराम से जुड़े Memorandum of Understanding का पालन करने और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरी तरह निभाने की अपील की.

Iran-US War Live: ओमान में US निगरानी रडार तबाह-IRGC का दावा

Middle East Crisis: ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने ओमान के घनीम (Ghanim) क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी एयर कंट्रोल रडार और Strait of Hormuz की चट्टानों पर लगे समुद्री निगरानी रडार को नष्ट कर दिया है. IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के जारी सैन्य अभियान की 13वीं लहर का हिस्सा है. बयान में कहा गया कि ‘जवाबी अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी है’ और Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्ग पर अब भी IRGC Navy का नियंत्रण बना हुआ है. ईरानी सेना का कहना है कि वह क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी इसी तरह के ऑपरेशन किए जाएंगे.

Iran-US War Live: कुवैत में US सैन्य अड्डे पर जवाबी हमला, HIMARS और मिसाइल रडार बनाए निशाना- ईरान

Middle East Crisis: ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे पर जवाबी हमला किया है. Mehr News Agency के मुताबिक, IRGC ने कहा कि हमले में एक मिसाइल डिफेंस रडार, कई हथियार डिपो और दो HIMARS surface-to-surface missile launchers को निशाना बनाया गया. IRGC का कहना है कि यह कार्रवाई हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे, खासकर टेलीकम्युनिकेशन और रेलवे नेटवर्क पर किए गए हमलों के जवाब में की गई है.

Iran-US War: ईरान की 3 मिसाइलें मार गिराईं, कोई जनहानि नहीं- जॉर्डन का दावा

Middle East Crisis: जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने देश की ओर बढ़ रही ईरान की तीन मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर मार गिराया. सेना के मुताबिक, सभी मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया गया. जॉर्डन की सेना ने कहा कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई. मिसाइलों के मलबे (Shrapnel) को सुरक्षित तरीके से हटाने का काम Royal Engineering Corps की टीमों ने किया. मिसाइलों के मलबे के गिरने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों को घेर लिया और हालात पर नजर बनाए रखी. सेना का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.

Iran-US War: इराक के सुलेमानियाह में जोरदार धमाकों की खबर, कई विस्फोटों से दहला शहर

Iran-US War Live: उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र के सुलेमानियाह (Sulaimaniyah) शहर में चार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबर है. यह जानकारी कुर्द समाचार मंच Rudaw ने दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में लगातार कई तेज धमाके हुए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि विस्फोट किस वजह से हुए या उनका निशाना क्या था. स्थानीय प्रशासन या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभी तक किसी तरह के नुकसान, हताहतों या हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

Iran-US War: कुवैत में US सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमला, लॉजिस्टिक सेंटर भी बनाए निशाना- ईरान का दावा

Middle East Crisis: ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटरों पर ड्रोन से हमला किया है. यह दावा ईरान की Fars News Agency द्वारा जारी सैन्य बयान में किया गया है. बयान में ईरानी सेना ने कहा, ‘इतिहास, जनता के समर्थन, अनुभव और युद्ध की तैयारी के दम पर हम हर तरह के दबाव और खतरे का पूरी सतर्कता और मजबूती से सामना करेंगे.’ यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार तेज हो रहा है और दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के दावे कर रहे हैं.

Iran-US War: ईरान का दावा- कुवैत में US सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से किया हमला

Middle East Crisis: ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य तैनाती वाले बेस को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया है. यह जानकारी ईरान की Fars News Agency की ओर से जारी सैन्य बयान में दी गई. ईरानी सेना ने अपने बयान में कहा, ‘इतिहास, जनता के समर्थन, अनुभव और युद्ध की तैयारी के भरोसे हम हर तरह के दबाव और खतरे का पूरी सतर्कता और मजबूती से सामना करेंगे.’ यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले करने के दावे कर रहे हैं.

Qatar-Iran Tension: कतर पर कई हवाई हमलों की कोशिश नाकाम

Middle East Crisis: कतर के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने कहा है कि देश की सशस्त्र सेनाएं इस समय कई हवाई हमलों को इंटरसेप्ट कर रही हैं. मंत्रालय के मुताबिक, कतर की वायु सुरक्षा प्रणाली लगातार सक्रिय है और हमलों को विफल करने की कार्रवाई जारी है. इससे पहले खबर आई थी कि ईरानी हमले के दौरान गिरे मलबे (Shrapnel) की चपेट में आने से एक बच्चा घायल हो गया. घायल बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है. फिलहाल कतर के रक्षा मंत्रालय ने यह नहीं बताया है कि कितने हवाई हमलों को रोका गया या इससे कितना नुकसान हुआ है. सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.



Leave a Comment