खेल में हो गया खेला; बगैर मैच खेले रग्बी खिलाड़ी ने ली नौकरी, शराब-आर्म्स ऐक्ट का आरोपी भी, Bihar Hindi News


रग्बी खिलाड़ी सुधांशु ने एक भी मैच नहीं खेला। फर्जी सर्टिफिकेट दिखाकर उसने नौकरी ले ली। मामला उजागर होने पर उसे सस्पेंड कर दिया गया है।

Bihar Top News: रग्बी खिलाड़ी सह निम्नवर्गीय लिपिक सुधांशु रंजन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उसने अपने ऊपर दर्ज गंभीर आपराधिक मुकदमों को छिपाकर ‘मेडल लाओ-नौकरी पाओ’ योजना का लाभ उठा लिया। यही नहीं, जिस टूर्नामेंट में खेलने का सर्टिफिकेट दिया उसकी जांच में सुधांशु की जर्सी में दूसरा खिलाड़ी देखा गया। सच सामने आने पर नालंदा समाहरणालय में तैनात सुधांशु को निलंबित कर दिया गया। आरोपित सुधांशु को पिछले साल ही नौकरी मिली थी।

दरअसल, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण को सुधांशु के कारनामों की भनक लगी थी। इसके बाद उन्होंने सुधांशु के कागज और चरित्र का सत्यापन करवाया तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पता चला कि उसपर आर्म्स एक्ट और शराब बरामदगी के तहत गंभीर मामला अगमकुआं थाने में दर्ज है। यह भी पता चला कि सुधांशु 2022 में जूनियर नेशनल रग्बी-7 चैंपियनशिप जीतने वाली बिहार टीम का सदस्य नहीं था। बावजूद इसके उसने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली।

अगमकुआं थाना में केस दर्ज

अगमकुआं थाना और पटना एसएसपी से एफआईआर, पर्यवेक्षण टिप्पणी और जांच से जुड़े दस्तावेज मांगे गए थे। सुधांशु पर अगमकुआं थाने में 25 सितंबर 2025 को शस्त्र अधिनियम, बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज है। छापेमारी के दौरान हथियार, नकदी, कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, कैश काउंटिंग मशीन समेत अन्य सामग्री बरामद होने का भी जिक्र किया गया है।

बोले पदाधिकारी

रग्बी के खिलाड़ी ने सच्चाई छिपाकर नौकरी ली थी। उसने अपने ऊपर दर्ज केस की बात को छिपा लिया। उसने एक भी मैच नहीं खेला न ही उसे गोल्ड मेडल मिला था। इसके बावजूद उसने फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल कर ली। –रवींद्रण शंकरण, डीजी, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण

मेन प्वाइंट्स

● बीएसएसए के डीजी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई

● जिस मैच का सर्टिफिकेट उसमें सुधांशु की जर्सी में दिखा दूसरा खिलाड़ी

● हथियार-शराब रखने की बात छिपाई, अगमकुआं थाने में दर्ज है केस

टूर्नामेंट और समारोहों के वीडियो रिकॉर्ड खंगाले

बीएसएसए ने भारतीय रग्बी फुटबॉल संघ से रिकॉर्ड मंगाए और 2022 के सभी मैचों और पुरस्कार वितरण समारोह की वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कराई। सुधांशु टीम की सूची में था, पर मैच या पुरस्कार वितरण समारोह के वीडियो में दिखाई नहीं दिया। मैच के दौरान जर्सी नंबर-4 पहनने वाला खिलाड़ी कोई अन्य व्यक्ति था, न कि सुधांशु रंजन। प्राधिकरण ने 14 जुलाई को सामान्य प्रशासन विभाग को पुलिस रिपोर्ट और एफआईआर की कॉपी भेजी। इसके बाद नालंदा डीएम ने निम्नवर्गीय लिपिक सुधांशु रंजन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने आरोपित के खिलाफ सामान्य प्रशासन विभाग से कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की है



Leave a Comment