ईरान की एलीट कुद्स फोर्स के चीफ कासिम सुलेमानी साल 2020 में अमेरिकी हमले में मारे गए थे। उन्होंने ईरान में तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद दूसरे नंबर का सबसे ताकतवर शख्स माना जाता था।

इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक (IRI) नाम के इस इराकी मिलिशिया समूह ने कहा कि उस व्यक्ति को इनाम दिया जाएगा, जो ट्रंप को मार डाले। व्यक्तिगत रूप से उन्हें खत्म कर या दूसरों को ऐसा करने का निर्देश दे या किसी व्यक्ति, समूह, संगठन या संस्था के तौर पर ऐसा करने में मदद करे। ईरान के सरकारी प्रेस टीवी के अनुसार, समूह ने कहा है कि उसने इनाम की रकम जुटा ली है।
ट्रंप ने किया कासिम सुलेमानी पर हमले का जिक्र ट्रंप ने इसी सप्ताह वॉइट हाउस में इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ मुलाकात में साल 2020 के अमेरिकी ऑपरेशन का जिक्र किया था। ट्रंप ने ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को निशाना बनाने के फैसले का बचाव किया था। उन्होंने कहा कि इस हमले से एक बड़ा खतरा खत्म हो गया। साथ ही उन्होंने उस हमले में मारे गए अल-मुहंदिस का भी जिक्र किया था।
अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे खामेनेई
ईरान के सबसे ताकतवर मिलिट्री कमांडर कहे जाने वाले जनरल कासिम सुलेमानी जनवरी 2020 में बगदाद के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे। ईरान की एलीट कुद्स फोर्स के चीफ के तौर पर सुलेमानी मिडिल ईस्ट में ईरान के मिलिट्री ऑपरेशन की अगुवाई करते थे। ट्रंप ने उन्हें लाखों लोगों की मौत के लिए सीधे और परोक्ष रूप से जिम्मेदार ठहराया था।
ईरान के दूसरे सबसे ताकतवर शख्स थे सुलेमानी
तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद सुलेमानी को ईरान का दूसरा सबसे ताकतवर व्यक्ति माना जाता था। विदेशों में मिशन चलाने वाली ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) खास यूनिट कुद्स फोर्स सीधे अली खामेनेई को रिपोर्ट करती थी। ईरान में सुलेमानी को राष्ट्रीय नायक के तौर पर देखा जाता था। उनकी अगुवाई में ईरान ने लेबनान में हिजबुल्ला और दूसरे ईरान समर्थक चरमपंथी समूहों को मजबूत किया। इराक और सीरिया में मिलिट्री मौजूदगी बढ़ाई। सुलेमानी की मौत पर अली खामेनेई ने कहा था कि हमले के पीछे शामिल अपराधियों से कड़ा बदला लिया जाएगा।
