जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। बहुत पुरानी कहावत है, आए थे हरि भजन को ओटन लगे कपास… फीफा विश्व कप 2026 में यही हाल फ्रांस और इंग्लैंड का है। विश्व विजय की आकांक्षा लेकर अमेरिकी महाद्वीप पहुंचे ये देश अब तीसरे स्थान के मुकाबले में एक-दूसरे के सामने होंगे।
फ्रांस को सेमीफाइनल में स्पेन से हार मिली तो इंग्लैंड को अर्जेंटीना ने हराकर बाहर भेजा अब घर जाने से पहले एक आखिरी चुनौती में दोनों ही देश अपना सबकुछ झोंकने को तैयार हैं। फीफा विश्व कप के फाइनल में ना जाने का दुख इस जीत से कम करने की इनकी कोशिश कितनी सफल होगी, ये वक्त ही बताएगा।
मौजूदा स्थिति ये है कि दोनों टीमों को पिछले मैच में मिडफील्ड में मात मिली और इस बार उनके पास मौका है कि वो इस गलती को सुधारें और दो हारी हुई मिडफील्ड में से किसी एक के सर विजय का ताज आए।
सेमीफाइनल में हारने तक टूर्नामेंट की विजेता मानी गई फ्रांस की टीम ने इस विश्व कप में सिर्फ एक मैच गंवाया लेकिन ये हार इतनी बड़ी है कि इसकी भरपाई नहीं हो सकती जबकि इंग्लैंड साल 1966 में विश्व कप जीतने के बाद से लगातार कोशिशें ही कर रहा है।
इन्होंने खिलाड़ी से लेकर कोच तक बदलकर देख लिया लेकिन ट्रॉफी घर आने का नाम नहीं ले रही, आपको नहीं पता तो जान लीजिए कि इंग्लैंड ने ही दुनिया को क्रिकेट की तरह आधुनिक फुटबॉल के खेल से भी परिचित कराया था और इसीलिए उनका मानना है कि यही देश विश्व कप ट्रॉफी का घर है। ये हर बड़े टूर्नामेंट से पहले बड़े जोर से कहते हैं- इट्स कमिंग होम यानी ये घर आ रही है। हालांकि, आखिरी बार फुटबॉल की कोई बड़ी ट्रॉफी साल 1966 में ही इंग्लैंड आई थी।
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इंग्लैंड की रणनीति
इंग्लैंड की टीम अति आक्रामक फुटबॉल खेलने की कोशिश करती है, ऐसा सेमीफाइनल से पहले सबको लगता था फिर इंग्लैंड ने दिखाया कि वो अति कायर फुटबॉल खेलते हैं। इस रणनीति की बहुत आलोचना हुई उनके जर्मन कोच थामस ट्यूशेल को काफी कुछ कहा गया लेकिन ये किसी को याद नहीं रहा कि 2018 फीफा विश्व कप का फाइनल और 2024 यूरो का फाइनल इंग्लैंड ने ठीक ऐसे ही गंवाया था।
दोनों बार 1-0 की बढ़त के बाद टीम ने अपना किला बचाने के नाम पर ऐसी कायरता दिखाई कि मैच हार गए। रणनीति पर लौटें तो ये दो विंगर्स को लगातार विपक्षी टीम पर अटैक करने के लिए उतारते हैं और ज्यादातर मौकों पर ये सफल भी रहते हैं। इनके स्ट्राइकर हैरी केन और अटैकिंग मिडफील्डर जूड बेलिंघम ने इस विश्व कप में छह-छह गोल किए हैं। टीम को इन्हीं से ज्यादा उम्मीद रहती है।
फार्मेशन
इंग्लैंड इस विश्व कप में 4-2-3-1 की फार्मेशन में खेल रही है।
संभावित शुरुआती 11
जार्डन पिकफोर्ड, एजरी कोंसा, जान स्टोंस, मार्क गुही, निको ओ राइली, कोबी मेनू, एलियट एंडरसन, नोनी मदुएके, जूड बेलिंघम, एंथनी गोर्डन, हैरी केन।
फ्रांस की रणनीति
फीफा विश्व कप 2026 में काइलियन एमबापे ही फ्रांस की रणनीति का केंद्र हैं। वह ना सिर्फ तेजी से आगे बढ़ते हैं बल्कि मिले मौकों को भुनाने में भी उनके जैसे कम ही खिलाड़ी होंगे। फ्रांस की टीम ना सिर्फ अटैकिंग फुटबॉल खेलती है बल्कि अगर इन पर हमला हो और किसी तरह से ये गेंद छीन पाएं तो काउंटर अटैक करने में भी इनका कोई सानी नहीं है।
विंग पर ओस्मान डेंबेले और माइकल ओलीसे अपनी कलाकारी, सटीक पासिंग/क्रासिंग से एमबापे का काम और आसान कर देते हैं। हालांकि स्पेन के विरुद्ध इनकी मिडफील्ड कुछ नहीं कर पाई थी लेकिन बाकी टूर्नामेंट में इन्होंने ठीक काम किया है।
फार्मेशन
फ्रांस इस विश्व कप में 4-2-3-1 की फार्मेशन में खेल रही है।
संभावित शुरुआती 11
माइक मेंयोन, जूल्स कूंडे, दायोत उपामेकानो, मैक्सेंस लैक्रोइक्स, थियो हर्नांडेज, मनु कोने, एड्रियन राबियो, माइकल ओलीसे, ओस्मान डेंबेले, डिजायर डू, काइलियन एमबापे।
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