क्या इस्राइल को देंगे मान्यता?:पाकिस्तानी रिपोर्टर के सवाल पर इशाक डार का चौंकाने वाला रिएक्शन, वीडियो वायरल – Pakistani Reporter Asks Will Recognize Israel Ishaq Dar And Marco Rubio Do Not Answer Question Video


वॉशिंगटन में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच हुई मुलाकात के दौरान एक रिपोर्टर द्वारा पूछे गए सवाल से माहौल गरमा गया। रिपोर्टर ने पाकिस्तान से इस्राइल को मान्यता देने के बारे में सवाल किया। हालांकि, दोनों नेताओं ने ही इसका जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए। 

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई अरब और मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होकर इस्राइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने का आग्रह किया था। यह ईरान संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक संभावित सौदे का हिस्सा माना जा रहा है।

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इस्राइल पर क्या है पाकिस्तान की नीति?

पाकिस्तान ने इस्राइल को देश के तौर पर मान्यता नहीं दी है। इसके साथ ही इस्राइल के साथ उसके कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं। वॉशिंगटन में डार और रूबियो की मुलाकात के दौरान द पाकिस्तान डेली के पत्रकार फैसल अली शाह ने ट्रंप की अपील के संबंध में एक सवाल पूछा। उन्होंने जोर से पूछा, “क्या पाकिस्तान इजरायल को मान्यता देगा?” दोनों नेताओं ने सवाल को अनसुना करते हुए कोई जवाब नहीं दिया।

डार ने बाद में दिया क्या जवाब?

बैठक के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए इशाक डार ने कहा, “पाकिस्तान फलस्तीन और गाजा को लेकर अपने रुख पर अडिग है।” उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नीतिगत बदलाव पर विचार करने से पहले इस्राइल को फलस्तीनी राज्य की स्थापना की ओर बढ़ना होगा।

ट्रंप ने किया था इस्राइल को मान्यता देने का आग्रह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि उन्होंने सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्किए, मिस्र और जॉर्डन से अब्राहम समझौते में सामूहिक रूप से शामिल होने का आग्रह किया था। इसी के साथ इस्राइल के साथ संबंध सामान्य करने पर भी जोर दिया था, ताकि ईरान संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक सौदे पर काम किया जा सके। पाकिस्तान ने इस सुझाव को अस्वीकार कर दिया। वहीं, अन्य देशों ने अब तक ट्रंप के आह्वान पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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अब्राहम समझौते को ट्रंप की पहले कार्यकाल के दौरान वॉशिंगटन द्वारा इस्राइल और अरब देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रयास के तहत तैयार किया गया था। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मोरक्को ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे इस्राइल के साथ राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध खुले। सूडान को भी इसमें शामिल किया गया था, लेकिन उसने अभी तक औपचारिक संबंध स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की है।




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