कंट्रोल करने की कोशिश करना: हर किसी का अपना पर्सनल स्पेस होता है, जैसे कुछ दोस्त, कपड़े पहनने का तरीका, क्या करना है, क्या नहीं करना है या फिर किससे मिलना है. इन सारी चीजों को लेकर आपके पार्टनर का बिहेवियर कंट्रोलिंग है तो ये इमोशनल टॉक्सिक रिश्ता है, जिसमें घुटन सी महसूस होने लगती है.