Vastu Tips: कष्ट, कलह, कर्ज… वास्तु के 3 सबसे खतरनाक दोष! सारी जिंदगी नहीं छोड़ते आदमी का पीछा – vastu tips three most dangerous vastu dosha ishan kona south west brahmasthana effects people tvisu


वास्तु में तीन स्थान सबसे महत्वपूर्ण हैं, जहां वास्तु दोष नहीं होना चाहिए. यदि इन दिशाओं में वास्तु दोष है तो इसे हटाना ही एकमात्र उपाय है. इन दिशाओं में वास्तु दोष होने पर कोई उपाय काम नहीं करता. इसलिए इन तीन जगहों को वास्तु दोष रहित रखना ही व्यक्ति की खुशहाली का एकमात्र रास्ता है. इसमें सबसे पहला स्थान है ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा), दूसरा स्थान है दक्षिण-पश्चिम दिशा. और तीसरा स्थान है घर का ब्रह्म स्थान. यानी आपके घर के केंद्र. घर का मुख्य द्वार ठीक होने के साथ ये तीन स्थान वास्तु रहित हैं तो व्यक्ति का जीवन काफी हद तक ठीक रहता है. वहीं इन तीन स्थानों का वास्तु दोष सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव डालने वाला होता है.

ईशान कोण में वास्तु दोष के प्रभाव
ईशान कोण में रसोई या टॉयलेट का होना सबसे बड़ा वास्तु दोष है. इस दिशा में लाल रंग भी वास्तु दोष की श्रेणी में आता है. यदि इस दिशा में टॉयलेट है तो ऐसे घरों में महिलाओं को प्रेग्नेंसी से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है. संभव है कि ऐसे घर में पैदा होने वाला शिशु मनोरोगी हो. इस दिशा में वास्तु दोष होने पर परिवार के लोगों का स्वास्थ खराब रहता है और दिमाग संबंधी रोगों की संभावना प्रबल रहती है. व्यक्ति गलत निर्णय के कारण नुकसान झेलता है.

दक्षिण-पश्चिम दिशा
दक्षिण-पश्चिम दिशा में किसी भी प्रकार का गड्ढा (टॉयलेट के रूप में), मुख्य द्वार या रसोई का होना वास्तु दोष है. नीला और हरा रंग भी इस दिशा में प्रतिकूल प्रभाव डालता है. पारिवारिक रिश्तों दिक्कत और कर्ज की समस्या भी रहती है. अचानक घर में कोई दुर्घटना हो सकती है.  

ब्रह्म स्थान
घर का ब्रह्म स्थान वास्तु में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है. यह स्थान हमेशा खाली होना चाहिए. ब्रह्म स्थान पर किसी भी रूप में भारीपन (सीढ़िया, दीवार आदि) या फिर गड्ढा वास्तु दोष की श्रेणी में आता है. यदि आपके घर के यह तीन स्थान वास्तु दोष रहित हैं तो आप काफी हद तक एक संतुलित ऊर्जा वाले घर में निवास कर रहे हैं. अन्य स्थानों में वास्तु दोष के उपाय (किसी भी चीज को तोड़े बिना) किए जा सकते हैं. लेकिन इन तीन स्थानों का वास्तु शास्त्र में कोई उपाय नहीं है. इन जगहों को वास्तु दोष से मुक्त रखना ही एकमात्र विकल्प है.

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