महवश ने आगे कहा, ‘मेरा आज भी यही मानना है कि जब आप किसी से असल जिंदगी में मिलते हैं – शायद किसी पार्टी में या किसी स्वाभाविक तरीके से – तो वह जुड़ाव कहीं ज्यादा मजबूत महसूस होता है. पर्सनली मुझे ऐसे किसी भी इंसान पर भरोसा करना मुश्किल लगता है जो ऐसी स्थितियों में डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करता हो, क्योंकि आपके मन में हमेशा यह ख्याल आता रहता है कि, ‘यह इंसान शायद पांच और लोगों पर भी ‘राइट स्वाइप’ कर रहा होगा, तो मैं इस पर कैसे भरोसा करूं?’ (Photo: Instagram/@rj.mahvash)