दिल्ली कूच का एलान:पूर्ण राज्य के लिए आंदोलन करेगी नेकां, मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली घेराव की तैयारी – Delhi March: Nc To Agitate For Full Statehood, Preparations To Protest On The First Day Of Monsoon Session


अल्पमत की आशंका। फूट का डर। पार्टी के टूटने की चिंता। वरिष्ठ नेताओं में मतभेद। इन सभी कयासों पर बुधवार को विराम लग गया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस की एकता का प्रदर्शन कर संदेश दिया कि सरकार अब भी पहले की ही तरह मजबूत है। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य बनाने के लिए उमर सरकार अब दिल्ली कूच करेगी। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सांसदों और विधायकों के साथ दिल्ली का घेराव होगा। श्रीनगर के दाचीगाम नेशनल पार्क में बुधवार को करीब सात घंटे चली बैठक के बाद विधायकों की सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए मौजूदा समय को सबसे बेहतर बताया है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व निर्धारित अपने आवास गुपकर से बैठक स्थल को बदलकर दाचीगाम नेशनल पार्क कर दिया। ऐसे में विधायकों के साथ उमर सरकार का काफिला गुजरा। इसे सरकार का नेता प्रतिपक्ष को जवाब भी माना जा रहा है, जिन्होंने बैठक को फ्लोर टेस्ट कहा था। बेहद नाटकीय ढंग से नेशनल पार्क में शुरू हुई बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीन सांसद और 41 विधायकों के साथ ही छह निर्दलीय भी नजर आए। विधायकों की संख्या का कुल योग 47 तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सत्ता हासिल करने के बहुमत से एक ज्यादा है।

बैठक में जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठी। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने अपने चुनावी वादे में इसे बहाल कराने की बात भी कही थी। बुधवार को विधायकों ने मुख्यमंत्री के सामने इसी अहम मुद्दे को उठाया। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर विशेष राज्य के दर्जे के लिए दबाव बढ़ाने की बात कही। बैठक में शराब की बिक्री पर पाबंदी को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार बंद कमरे की इस बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष शराब बंद करवाने वाले मुद्दे की वजह से पार्टी को हुए नुकसान की बात कही।

हाल के दिनों में भाजपा प्रदेश सरकार पर हमलावर रही। पीडीपी ने भी नेकां में बिखराव पर बयान दिए। इस सब के बीच पार्टी के भीतर भी सीएम को लेकर विरोध के स्वर तेजी से उठे। सरकार के निर्णयों पर पार्टी के ही नेताओं ने सवाल उठाए। ऐसे में नेकां में बिखराव की चर्चा तेजी से बढ़ी। इस सब के बीच सीएम उमर अब्दुल्ला ने बुधवार की बैठक में पार्टी के सभी धड़ों को साधकर सब ठीक होने का संकेत दिया।

बैठक में स्टेट हुड बहाल करने पर चर्चा हुई है। इसे लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस आंदोलन करने जा रही है। मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली का घेराव होगा। इसमें विधायक और सांसद शामिल रहेंगे।

-तनवीर सादिक, प्रवक्ता नेशनल कॉन्फ्रेंस

सचित्र अनुच्छेद 370 अब इतिहास बन चुका है। राज्य का दर्जा भाजपा के एजेंडे में है, जो यह अवश्य मिलेगा। असल में जब तक प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को यह भरोसा नहीं हो जाता कि यहां शांति व स्थिरता बनी रहेगी, तब तक पूर्ण राज्य संभव नहीं होगा। राज्य का दर्जा मिलने के बाद पत्थरबाजी, हिंसा या आम नागरिकों की हत्याएं जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।

-सुनील शर्मा, नेता प्रतिपक्ष

सचित्र दाचीगाम नेशनल पार्क आज के सम्मेलन का प्रतीक है। वह एकांत में है, अलग-थलग है, प्रवेश प्रतिबंधित है। यही असल में मौजूदा सरकार की स्थिति को दर्शाता है। उदासीन, एकांत में अलग-थलग और प्रवेश प्रतिबंधित। विधायकों को दाचीगाम के वन्यजीव क्षेत्र में भेज दिया गया है, जहां उन्हें अल्टीमेटम दिया जाएगा। बात मानो, वरना यहीं रहो और चिड़ियाघर के निवासियों का साथ दो।

-सज्जाद गनी लोन, अध्यक्ष पीपल्स कॉन्फ्रेंस

कश्मीर के विधायक बारहसिंगा से भी ज्यादा खतरे में हैं। उनके लिए एक अलग वन्य जीव पार्क बनाया जाना चाहिए। विधायकों की स्थिति बैठक और फिर बैठक के बाद देखने लायक थी।

-इल्तिजा मुफ्ती, पीडीपी


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