अमेरिका के ओहियो में एक दर्दनाक कार दुर्घटना में अपने अजन्मे बच्चे के साथ मारी गई एक गर्भवती किशोरी की हत्या का आरोप एक भारतीय शख्स पर लगा है। किशोरी की मां एनेट होम्स ने भारतीय व्यक्ति को देश से निर्वासित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह 33 वर्षीय तरसेम सिंह को देश में नहीं रहने देना चाहतीं।
पीड़िता के परिवार के अनुसार, अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा भारतीय नागरिक तरसेम सिंह 17 वर्षीय ऐश्ली होम्स के अजन्मे बच्चे का पिता था। रिश्तेदारों ने बताया कि ऐश्ली ने कई बार इस रिश्ते से अलग होने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई।
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पीड़िता की मां ने की निर्वासन की मांग
एनेट होम्स ने कहा, “किसी को भी अपने पहले बच्चे के साथ गर्भवती होने के दौरान नहीं मरना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे अच्छा लगेगा, अगर उसे स्थायी रूप से देश से निकाल दिया जाए। हमें पता चला कि वह पहले अवैध रूप से यहां आया था। वे उसे कहीं भी भेज सकते हैं जहां वह सबसे अच्छा हो क्योंकि मैं उसे अब अमेरिका में नहीं चाहती।”
ऐश्ली होम्स की मौत कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, 16 फरवरी को हुई दुर्घटना के समय ऐश्ली रेंज रोवर में एक यात्री के रूप में सवार थी। अधिकारियों ने बताया कि यह दुर्घटना तब हुई, जब आरोपी तरसेम सिंह कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा रोके जाने पर नहीं रुके। इसके बाद करीब 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी भगाने के दौरान एक भीषण टक्कर के चलते उनका पीछा करना खत्म हुआ।
ओहियो स्टेट हाईवे पेट्रोल की दुर्घटना रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि रेंज रोवर को शुरू में 55 मील प्रति घंटे के क्षेत्र में 79 मील प्रति घंटे की रफ्तार से भगाया गया था। वहीं, पीछा करने के दौरान यह गति 120 मील प्रति घंटे से अधिक हो गई। गाड़ी एक मोड़ को पार करने में नाकाम रही और कई बार पलटने से पहले एक जीप से टकरा गई।
तरसेम सिंह पर लगे कई गंभीर आरोप
दुर्घटना के बाद ऐश्ली कार से बाहर गिर गई। ओहियो स्टेट हाईवे पेट्रोल की दुर्घटना रिपोर्ट के अनुसार, उसे घातक चोटें आईं थी। इसके चलते ऐश्ली और उसके अजन्मे बच्चे की भी मौत हो गई। इस बीच आईसीई ने 33 वर्षीय सिंह को नजरबंदी में रखा है। उस पर गैर इरादतन हत्या, लापरवाही से हत्या और गंभीर वाहन दुर्घटना में हत्या सहित कई आपराधिक मामलों में गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
आईसीई की नजरबंदी में रहेगा आरोपी
संघीय कानून के तहत, 10 लाख डॉलर की जमानत पर रिहा सिंह को तब तक निर्दोष माना जाएगा, जब तक कि अदालत में उसे दोषी साबित न कर दिया जाए। गृह विभाग के अनुसार, सिंह फरवरी 2017 में कैलिफोर्निया के दक्षिणी सीमा से अवैध रूप से देश में दाखिल हुआ था और एक न्यायाधीश द्वारा उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिए जाने से पहले उसे गिरफ्तार किया गया था।
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आईसीई की नजरबंदी के तहत सिंह को हिरासत में रखा जाएगा। आपराधिक मामले में फैसले के बाद उसे निर्वासन की कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है। जूरी ट्रायल 17-21 अगस्त को होना है।