Rajasthan News:राजस्थान में प्री-मानसून की जोरदार दस्तक; बीते 5 वर्षों में सामान्य से ज्यादा बारिश का ट्रेंड – Pre-monsoon Brings Relief Across Rajasthan; Heatwave Likely To Return From June 8


राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियों ने इस बार जोरदार शुरुआत की है। जून के पहले सप्ताह में ही प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार 4 जून की शाम से 5 जून की सुबह तक बांसवाड़ा, बूंदी, भीलवाड़ा, अजमेर और भरतपुर सहित कई जिलों में बारिश हुई, जबकि बीकानेर, चूरू और हनुमानगढ़ में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। बारिश और तेज आंधी के कारण कई शहरों के तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है।

प्रदेश में प्री-मानसून की यह सक्रियता ऐसे समय देखने को मिल रही है, जब पिछले पांच वर्षों में राजस्थान में मानसून का स्वरूप तेजी से बदला है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में मानसून अब पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और तीव्र होता जा रहा है। पहले जहां पश्चिमी राजस्थान को कम बारिश वाला क्षेत्र माना जाता था, वहीं अब कम समय में भारी बारिश और अत्यधिक वर्षा की घटनाएं बढ़ रही हैं।

मानसून के आगमन की बात करें तो राजस्थान में इसकी सामान्य एंट्री 25 जून के आसपास मानी जाती है। हालांकि पिछले पांच वर्षों में इसकी तिथियों में बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2021 और 2025 में मानसून ने 18 जून को ही दस्तक दे दी थी, जबकि 2022 में यह सबसे देर से 30 जून को पहुंचा। वहीं 2023 और 2024 में मानसून 25 जून को प्रदेश में प्रवेश कर गया था।

बारिश के आंकड़े भी बदलते मौसम की कहानी बयां कर रहे हैं। वर्ष 2022 में राजस्थान में 596.1 मिमी मानसूनी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 37 प्रतिशत अधिक थी। इसके बाद 2024 में 678.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 56 प्रतिशत ज्यादा रही। वहीं 2025 में 715.9 मिमी वर्षा के साथ प्रदेश ने 124 वर्षों के इतिहास में दूसरा सबसे अधिक बारिश वाला मानसून दर्ज किया।

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विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात भी देखने को मिले हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि राजस्थान का मानसून अब अधिक सक्रिय, अनिश्चित और तीव्र स्वरूप ले रहा है।

फिलहाल मौसम विभाग ने शनिवार को 25 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि 8 जून के बाद पश्चिमी राजस्थान में एक बार फिर गर्मी के तेवर तीखे पड़ सकते हैं और कुछ क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। ऐसे में प्री-मानसून की मौजूदा राहत के बीच प्रदेश की नजरें अब इस साल के मानसून पर टिकी हुई हैं।


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