Mission Election:यूपी में हैट्रिक के लिए ड्राइंग रूम संवाद बनेगा भाजपा का हथियार, फीडबैक लेने की तैयारी – Drawing Room Dialogue Will Become Bjp’s Weapon For A Hat-trick In Up


उत्तर प्रदेश में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए भाजपा ड्राइंग रूम बैठकों के जरिये माहौल बनाएगी। योजना अगस्त महीने में ऐसी 10 हजार बैठकों के जरिये 60 हजार चुनिंदा कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर गुटबाजी पर नकेल कसने और फीडबैक हासिल करने की है। इस अभियान के तहत प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी इसी अवधि में राज्य के सभी 75 जिलों का दौरा करने की है। चूंकि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में उनकी सक्रियता बढ़ेगी, इसलिए उन्हें इसी महीने में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री पद के दायित्व से मुक्त किया जाएगा।

पार्टी सूत्र के मुताबिक अगले साल फरवरी-मार्च में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बड़े स्तर पर ऐसी बैठकों की योजना केंद्रीय नेतृत्व की है। केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि इन बैठकों के जरिये चौधरी न सिर्फ पूर्व सांसदों, विधायकों, मंत्रियों, पदाधिकारियों और पुराने कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करें, बल्कि जमीनी हकीकत को भी समझें। इन बैठकों के जरिये हासिल फीडबैक के आधार पर ही पार्टी विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करेगी। फीडबैक ही आगामी चुनाव में टिकट हासिल करने का पैमाना बनेगा।

ड्राइंग रूम बैठकों से हासिल फीडबैक के जरिये ही पार्टी सीट और क्षेत्रवार चुनावी रणनीति को अमली जामा पहनाएगी। इसके जरिए क्षेत्र विशेष से जुड़े मुद्दों और उन मुद्दों पर पार्टी की तात्कालिक स्थिति का आकलन किया जाएगा। क्षेत्रीय समीकरण के लिए नई समझ पैदा होगी। कार्यकर्ताओं व नेताओं को राज्य और केंद्र सरकार की उपलब्धियों के प्रचार प्रसार का मंत्र दिया जाएगा।

बैठकों के जरिये संगठन की स्थिति की भी समीक्षा होगी

अध्यक्ष पंकज चौधरी इन बैठकों के जरिये संगठन की स्थिति की भी समीक्षा करेंगे। यह भी जानेंगे कि विधायकों केप्रति क्षेत्र विशेष में कैसा माहौल है। इसके अलावा इन्हीं बैठकों के जरिये चुनाव के मद्देनजर बूथ, ब्लॉक, विधानसभा और लोकसभा स्तर पर चुनावी तैयारियों का जायजा भी लिया जाएगा। सीट वार राजनीतिक स्थिति का भी आकलन किया जाएगा। मकसद गुटबाजी पर लगाम लगाते हुए जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करना है।

योगी चेहरा, सबसे बड़ा मुद्दा कानून व्यवस्था 

यह तय है कि विधानसभा चुनाव में वर्तमान सीएम योगी ही सीएम पद का चेहरा होंगे। किसी तरह का असमंजस का भाव पैदा न हो, इसके लिए पार्टी पहले ही उन्हें अपना चेहरा घोषित करेगी।


  • इसके अलावा चुनाव में योगी सरकार के दौरान कानून व्यवस्था की सुधरी स्थिति ही सबसे बड़ा मुद्दा होगा। सूत्र ने बताया कि वर्तमान में पूरे देश में सबसे बड़ा वोट बैंक कानून व्यवस्था है और इस मुद्दे पर योगी सरकार की धारणा राज्य ही नहीं देश के अन्य हिस्से में भी बेहद मजबूत है।

 


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