अंडमान में ‘ऊर्जा भंडार’:ऑयल इंडिया को गहरे समुद्र में मिली प्राकृतिक गैस, ‘समुद्र मंथन मिशन’ की बड़ी सफलता – Major Breakthrough In Andaman Sea: Oil India Discovers Natural Gas Reserves Under ‘samudra Manthan Mission’


भारत की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू उत्पादन बढ़ाने के मोर्चे पर एक बेहद सकारात्मक और बड़ी खबर आई है। देश की प्रमुख सरकारी अन्वेषण कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अंडमान सागर में गहरे पानी के भीतर प्राकृतिक गैस की खोज में एक बड़ी सफलता हासिल की है। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने ऑयल इंडिया को बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। यह खोज भारत के महत्वाकांक्षी डीप-वाटर एक्सप्लोरेशन अभियान को एक नई दिशा देने वाली साबित होगी।

कहां और कैसे मिली यह बड़ी सफलता?

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से 15 किलोमीटर दूर और 355 मीटर गहरे पानी में स्थित ‘श्री विजयपुरम-3’नामक एक अन्वेषणात्मक कुएं में प्राकृतिक गैस की मौजूदगी का पता चला है। ऑयल इंडिया की ओर से इओसीन संरचना में 1900 मीटर से अधिक की गहराई पर प्रारंभिक उत्पादन परीक्षण किया गया, जहां निरंतर ‘फ्लेयरिंग’ के माध्यम से गैस की पुष्टि हुई है। फिलहाल, कंपनी गैस की संरचना और उसके ऊर्जा मूल्य का सटीक आकलन करने के लिए गैस के नमूने ले रही है। इसके साथ ही गैस की उत्पत्ति को गहराई से समझने के लिए आइसोटोप अध्ययन भी किया जा रहा है।

‘समुद्र मंथन मिशन’ को मिली रफ्तार

पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने कहा, “यह महत्वपूर्ण खोज ऐसे समय में हुई है जब देश हाइड्रोकार्बन के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनने की तेज कोशिश कर रहा है।” गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर ‘समुद्र मंथन मिशन’ (राष्ट्रीय डीप वाटर एक्सप्लोरेशन मिशन) की घोषणा की थी। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत के अपतटीय बेसिनों में गहरे और अति-गहरे पानी में बड़ी संख्या में अन्वेषण कुओं की खुदाई कर हाइड्रोकार्बन भंडार का पूरी तरह से दोहन करना है।

अंडमान बेसिन में सफलता का बढ़ता रिकॉर्ड

अंडमान बेसिन में ऑयल इंडिया लिमिटेड का मौजूदा अभियान शानदार और उत्साहजनक परिणाम दे रहा है। कंपनी के वर्तमान अन्वेषण अभियान के तहत इस क्षेत्र में खोदे गए कुल 3 अन्वेषणात्मक कुओं में से अब तक 2 में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आ चुकी है। यह सफलता भारतीय समुद्र तटों में छिपे ऊर्जा के विशाल अवसरों को प्रमाणित करती है।

आगे का आउटलुक और वैश्विक साझेदारी

प्राकृतिक गैस की इस नई मौजूदगी को भारत के ‘अमृत काल’ की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह खोज केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की अन्वेषण क्षमताओं को भी स्थापित करेगी। इस सफलता के बाद, भारत अब पेट्रोब्रास, टोटल एनर्जीज, बीपी, शेल और एक्सॉनमोबिल जैसी वैश्विक डीप-वाटर एक्सप्लोरेशन विशेषज्ञ कंपनियों के समन्वय से अपनी ऊर्जा अन्वेषण महत्वाकांक्षाओं को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ा सकेगा।


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