दिग्गज युवराज सिंह ने भारत के नए युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी को मेंटॉर करने और ट्रेनिंग देने की इच्छा जताई है। युवराज ने अभिषेक शर्मा को टर्मिनेटर 4 और 15 साल के वैभव को टर्मिनेटर 6 बताते हुए कहा कि वे वैभव को निखारने के लिए तैयार हैं।

युवराज सिंह ने दिया खास ऑफर
युवराज सिंह ने एक बेहद ही दिलचस्प किस्से का इस्तेमाल करते हुए खुद को और अपने शिष्यों को टर्मिनेटर सीरीज से जोड़ा। युवराज ने साफ किया कि जिस तरह उन्होंने अभिषेक शर्मा को घंटों ट्रेनिंग देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया, ठीक उसी तरह वे अब वैभव सूर्यवंशी को भी तराशना चाहते हैं। अभिषेक शर्मा के बाद अब वैभव सूर्यवंशी को क्रिकेट की आक्रामकता सिखाने के एंगल पर बात करते हुए युवराज सिंह ने कहा, ‘मैं हमेशा खुद को टर्मिनेटर कहता हूं। अब हमारे पास टर्मिनेटर 4 अभिषेक शर्मा हैं, जो मुझसे चार गुना बेहतर हैं। और उनके बाद आते हैं टर्मिनेटर 6 वैभव सूर्यवंशी, जो और भी अधिक विकसित होकर उभरे हैं। मैंने अपने समय में अपना काम किया, अभिषेक ने उसे एक पायदान ऊपर उठाया, और अब वैभव नए मापदंड स्थापित कर रहे हैं। यह एक ही सफर का तीसरा चरण है। खेल को इस तरह बदलते देखना अद्भुत है।’
वैभव पहले ही तोड़ चुके हैं युवराज सिंह का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
दिलचस्प बात यह है कि युवराज सिंह जिस वैभव सूर्यवंशी को अब अपने स्कूल ऑफ क्रिकेट में स्पेशल ट्रेनिंग देने की बात कर रहे हैं, उस युवा खिलाड़ी ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत के लिए अपना डेब्यू किया है। इतना ही नहीं, इसी महीने श्रीलंका में खेली गई इंडिया ए बनाम श्रीलंका ए ट्राई-सीरीज के फाइनल में वैभव ने महज 11 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर युवराज सिंह के भारत के लिए सबसे तेज लिस्ट-ए फिफ्टी के सालों पुराने रिकॉर्ड को भी चकनाचूर कर दिया था।
विंबलडन देखने पहुंचे युवराज, वैभव और अभिषेक
रविवार को विंबलडन 2026 का फाइनल मुकाबला युवराज और अभिषेक के साथ देखने वाले वैभव सूर्यवंशी ने भी युवराज को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया। वैभव ने कहा, ‘युवी पाजी मेरे आइडल हैं। उनसे खेल के मानसिक पहलू, दबाव को संभालने और खुद पर भरोसा रखने के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला। मुझे पूरा विश्वास है कि आगे चलकर उनके मार्गदर्शन से मेरे करियर को बहुत मदद मिलेगी।’ वहीं अभिषेक शर्मा ने भी कहा कि वह वैभव की खुशी को समझ सकते हैं क्योंकि युवराज सिंह की ट्रेनिंग और मेंटॉरशिप ने ही आज उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है।
