अमेरिका-ईरान जंग कब थमेगी?:रिपोर्ट में दावा- समझौते पर फिलहाल हस्ताक्षर नहीं, यूरेनियम संवर्धन पर बातचीत जारी – West Asia Crisis: Us-iran Deal Unlikely To Be Signed On Sunday As Talks Continue: Reports


अमेरिका और ईरान के बीच चल रही परमाणु समझौता वार्ता को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को दोनों देशों के बीच किसी औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना फिलहाल कम है, क्योंकि कई अहम मुद्दों पर बातचीत अभी भी जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले संकेत दिए थे कि रविवार तक समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ड्राफ्ट डील के कई महत्वपूर्ण हिस्सों पर अब भी सहमति बननी बाकी है।

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होर्मुज खोलने और यूरेनियम भंडार खत्म करने पर ईरान सहमत?

सीएनएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान सिद्धांत रूप में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और अपने उच्च स्तर पर समृद्ध यूरेनियम के भंडार को खत्म करने पर सहमत हुआ है। लेकिन इस यूरेनियम को किस तरीके से नष्ट किया जाएगा और भविष्य में यूरेनियम संवर्धन पर रोक कितने समय तक रहेगी, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। 

इस बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में जल्दबाजी में समझौता नहीं करेगा। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर लगाया गया अमेरिकी ‘ब्लॉकेड’ तब तक जारी रहेगा, जब तक दोनों देशों के बीच औपचारिक और प्रमाणित समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते। 

ओबामा प्रशासन के समय हुए समझौते की आलोचना

ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर में हुए ईरान परमाणु समझौते की आलोचना करते हुए उसे ‘अमेरिका के इतिहास की सबसे खराब डील’ बताया। उन्होंने कहा कि ओबामा प्रशासन का समझौता ईरान को परमाणु हथियार क्षमता की ओर ले जाने वाला रास्ता था, जबकि उनकी सरकार की मौजूदा बातचीत उसका बिल्कुल उल्टा है।

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अमेरिकी प्रतिनिधियों को ट्रंप का स्पष्ट निर्देश

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत संतुलित और रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्दबाजी न करें क्योंकि समय अमेरिका के पक्ष में है। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित करने या हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों के संबंध अब ज्यादा पेशेवर और उत्पादक होते जा रहे हैं। हालांकि बातचीत में प्रगति के संकेत मिले हैं, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि अभी यह साफ नहीं है कि मौजूदा ड्राफ्ट आगे चलकर अंतिम और कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौते में बदल पाएगा या नहीं।


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