
अगर बात अमेरिका में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की करें, तो वहां के नियम और दक्षिणा का हिसाब बिल्कुल अलग है. मिसाल के तौर पर, अगर अमेरिका में रहने वाला कोई भारतीय परिवार अपने घर पर एक छोटी सी सत्यनारायण भगवान की कथा का आयोजन भी करवाता है, तो इसके लिए पंडित जी को मोटी रकम चुकानी पड़ती है.