आज़म ख़ान: जौहर यूनिवर्सिटी को गिराने के फ़ैसले के पीछे प्रशासन क्या कारण बता रहा है?


मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय

इमेज स्रोत, Mujassim Khan

इमेज कैप्शन, 2006 में यूनिवर्सिटी के शिलान्यास के दौरान आज़म ख़ान ने कहा था कि इस संस्थान को खड़ा करने में उन्हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान ने आज से लगभग दो दशक पहले अपने गृह ज़िले रामपुर में, जिस यूनिवर्सिटी की नींव रखवाई थी, उसे तोड़ने की तैयारी चल रही है.

रामपुर विकास प्राधिकरण ने मोहम्मद अली जौहर नाम की इस यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने का आदेश पारित किया है. आदेश के पीछे का कारण नक़्शा पास करवाए बिना निर्माण करवाना बताया गया है.

रामपुर विकास प्राधिकरण का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में कुल 40 इमारतें हैं, जिनमें से 38 का निर्माण बिना स्वीकृत नक़्शा पास कराए किया गया.

प्राधिकरण के अनुसार, इन इमारतों को लेकर पहले नोटिस जारी किया गया था और 15 दिन का समय भी दिया गया था. समयसीमा पूरी होने के बाद अब तोड़ने की तैयारी की जा रही है.

भवन कब गिराए जाने हैं, इस सवाल पर रामपुर के ज़िलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने मीडिया से कहा, ”तोड़ने से पहले पंद्रह दिन का वक़्त दिया जाता है, ताकि ख़ुद इसे गिरा दें. अगर ऐसा नहीं किया जाता तो प्रशासन उसे गिरा देगा.”



Leave a Comment