आमिर खान की तीसरी शादी को नितेश राणे ने बताया लव जिहाद, वारिस पठान ने किया पलटवार, गरमाई महाराष्ट्र की सियासत – aamir khan third marriage gets a political row nitesh rane waris pathan debate
आमिर खान और गौरी स्प्राट की शादी महाराष्ट्र की राजनीतिक में बहस का विषय बन गई है। आमिर ने 5 जुलाई को मुंबई में अपने पाली हिल वाले घर पर एक निजी रजिस्टर्ड सेरेमनी में गौरी स्प्रैट से शादी की। इस शादी पर नितेश राणे का बयान आया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। एक्टर की शादी रीना दत्ता और फिल्ममेकर किरण राव से हुई थी।
आमिर खान की शादी पर विवाद
मुंबई : महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे के एक बयान पर विवाद शुरू हो गया है। उन्होंने अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी पर कहा कि वह लव जिहाद के ब्रांड एंबेसडर हैं। इस पर तमाम नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व सदस्य और एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि अगर आमिर खान तीन शादी कर रहे हैं तो तुम चार कर लो। कौन रोक रहा है? तुम्हें क्या दिक्कत है? शादी में उनकी पहली और दूसरी पत्नी पहुंचीं, बेटा, बेटी, दामाद भी पहुंचे। उद्योगपति भी पहुंचे। किसी को कोई दिक्कत नहीं है तो आपको क्या दिक्कत है? उनकी क्षमता है, उन्होंने किया। अगर आपके अंदर भी क्षमता है तो आप भी करो।
वारिस पठान ने कहा कि अगर कोई इंसान अपनी पसंद से शादी करना चाहता है तो दिक्कत क्या है? इसे वह बस जिहाद-जिहाद कह रहे हैं, उन्हें जिहाद का मतलब भी नहीं पता होगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। उन्हें जिहाद का मतलब तक नहीं पता होता है। कोई किसी का बहिष्कार नहीं करता है। उनकी बात की वैल्यू ही क्या है?
किशोरी पेडणेकर बोलीं- पर्सनल मामला
शिवसेना (यूबीटी) नेता और पूर्व मेयर किशोरी पेडणेकर ने भी इस मामले पर कहा कि आमिर खान की फिल्में देखना या नहीं देखना, इसका फैसला लोगों को ही करना चाहिए। वह हिंदू लड़की से शादी कर रहे हैं। कोई हिंदू लड़की यह जानती है कि जिससे वह शादी कर रही है, उसकी दो शादियां पहले से हो चुकी हैं, तो यह उन दोनों का व्यक्तिगत मामला हो गया। इस पर हम क्या बोल सकते हैं? उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हिंदू लड़कियों को ऐसा नहीं करना चाहिए, लेकिन यह निजी मामला है।
आमिर खान को नितेश राणे द्वारा लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर बताए जाने पर उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में आपकी सरकार है, तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे? जो लड़की शादी कर रही है, उससे पूछिए कि वह शादी क्यों कर रही? उन्होंने राहुल गांधी पर कहा कि अगर कोई इंसान कुछ दिन के लिए बाहर जा सकता है, कोई मेडिटेशन के लिए जाता है या किसी और काम से जाता है तो हम उनके पीछे क्यों पड़ रहे हैं?
लेखक के बारे मेंशशि मिश्राशशि पांडेय मिश्रा नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रॉड्यूसर (Principal Digital Content Producer) हैं। वह नवभारत टाइम्स में महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र-प्रदेश, पंजाब-हरियाणा, केरल, गोवा समेत नॉर्थ ईस्ट के राज्य की खबरों पर काम करती हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 18 साल का लंबा अनुभव है। इस दौरान उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। शशि पांडेय मिश्रा ने सितंबर 2017 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने अपनी पत्रकारिता के दौरान राजनीति, क्राइम, ह्यूमन ऐंगल स्टोरीज पर काम किया। इस दौरान समाजिक मुद्दों से जुड़े कई स्टिंग भी किए। कई स्पेशल खबरें कीं, जो नेशनल स्तर पर सुर्खियां बनीं। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात चुनाव के दौरान स्पेशल ग्राउंड स्पोर्टिंग की। देश की राजनीति, पर्यावरण, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दे और क्राइम की खबरें लिखना पसंद है।
देश का राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना। उस खबर से भारत पर और लोगों पर क्या असर पड़ेगा इस पर काम करना प्राथमिकता है। इसके अलावा भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को खास खबर, खबर की सत्यता, पुष्ट खबरें और वीडियो के जरिए विश्लेषण देना शशि पांडेय मिश्रा की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- भारत का राजनीतिक घटनाक्रम, पर्यावरण, क्राइम, स्वास्थ्य, महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर लिखना
पत्रकारिता अनुभव: अखबार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल मीडिया में 18 साल से कार्यरत
शशि पांडेय मिश्रा ने साल 2007 में पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण से की। उससे पहले अमर उजाला में इंटर्नशिप की। दैनिक जागरण के बाद आई नेक्स्ट में काम किया। फिर सहारा समय चैनल जॉइन किया। लेकिन लेखन का शौक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से वापस प्रिंट की तरफ ले आया। लखनऊ में कैनविज टाइम्स में काम किया और उसके बाद नवभारत टाइम्स अखबार में। यहां से नवभारत टाइम्स के डिजिटल प्लेटफॉर्म में काम की शुरुआत की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है। इससे पहले भी हर संस्थान में बेस्ट रिपोर्टिंग के अवॉर्ड मिले।
शशि पांडेय मिश्रा ने कानपुर यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में पोस्ट ग्रैजुएनशन किया है। उसके अलावा विद्या इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और जर्नलिज्म से पत्रकारिता की पढ़ाई की।
पुरस्कार: दैनिक जागरण कानपुर में पहली महिला पत्रकार होने का सम्मान मिला। आईनेक्स्ट में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स अखबार में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में भी अवॉर्ड मिला।
शशि पांडेय मिश्रा की स्पेशल खबरें
– सरकारी शेल्टर होम में अव्यवस्थाओं के लेकर स्पेशल खबर की। यहां अंदर कोई नहीं जा सकता था तो इस दौरान सफाई कर्मचारी बनकर अंदर गई और स्टिंग किया।
– कानपुर में राहुल गांधी की स्पेशल विजिट के दौरान डॉक्टर बनकर अस्पताल के अंदर गई और स्पेशल खबर निकाली।
– कानपुर जू में जानवरों की हालत और प्रदूषण पर लगातार स्पेशल स्टोरीज कीं, इन छपी खबरों के अखबार संसद के अंदर लहराकर मेनका गांधी ने सवाल उठाए। खबरों को संज्ञान लिया गया और बड़ा एक्शन हुआ।
– लखनऊ में विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक खिलौना पिस्तौल लेकर अंदर घुसी, लखनऊ के नामी स्कूलों में भी पिस्तौल लेकर घूमी और सुरक्षा में सेंध का स्टिंग किया।
– केंद्र सरकार की पालना गृह योजना में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया। खबरों को हाई कोर्ट ने संज्ञान में लिया और मामले में सीबीआई जांच बैठी।
– महिला सुरक्षा की जांच के लिए पूरी दिन और आधी रात तक 30 किलोमीटर पैदल चली और सुरक्षा के इंतजाम की पोल खोली।
– मायावती के सीएम रहने के दौरान स्पेशल खबर के लिए उस अस्पताल में मरीज बनकर भर्ती हुई, जहां उनकी विजिट थी और स्पेशल कवेज की।… और पढ़ें