जागरण संवाददाता, गाजीपुर। कोई तो था जो संभाल लेता था, बल्ला नहीं चला तो कप्तानी रणनीति चल जाती थी, अब विश्व विजेता का तमगा प्राप्त भारतीय क्रिकेट टी ट्वेंटी टीम का विश्वकप जीतने का उत्साह इतनी जल्दी खत्म होगा, इसकी कल्पना किसी क्रिकेट प्रेमी ने नहीं की थी। अब क्रिकेट की चर्चा का दौर गाजीपुर जिले में हथौड़ा गांव में आम है, ‘हमारा सूर्या तो सब संभाल लेता था’।
टी ट्वेंटी वर्ल्ड कप के बाद सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाकर टीम से बाहर करने के फैसले पर उनके गांव हथौड़ा के समर्थक काफी निराश हैं। उनके जाने के बाद टीम इंडिया को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में लगातार हार का सामना करना पड़ा है। जिसके कारण फैंस को उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार नेतृत्व क्षमता की कमी साफ खल रही है। गांव के लोग अब लगातार दो हार के बाद निराश ही नहीं मुखर भी हैं।

गाजीपुर के हथौड़ा गांव स्थित सूर्यकुमार यादव का पैतृक घर। – जागरण
सूर्यकुमार यादव के गांव हथौड़ा में बीसीसीआई के उनको टीम से बाहर करने के निर्णय से लोगों में आक्रोश है। अक्सर टी ट्वेंटी मैच के दिनों में सूर्यकुमार यादव के घर प्रशंसकों की भारी भीड़ लगी रहती थी। आजकल दादा विक्रमा और राममूरत यादव अकेले ही बैठकर मैच देखते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे सूर्या को टीम से बाहर किए जाने से भारतीय टी ट्वेंटी टीम को हम लोगों की हाय लगी है, जिससे भारतीय टी ट्वेंटी क्रिकेट टीम उबर नहीं पा रही है।
सूर्यकुमार यादव को टीम से निकाले जाने के बाद बहुत से स्थानीय क्रिकेट प्रशंसकों ने अपने सूर्या को नहीं देख पाने की वजह से टी-ट्वेंटी मैच देखना ही छोड़ दिया है। अपनी कप्तानी में सूर्यकुमार यादव का मैच में तुरंत सही निर्णय लेने के साथ ही मध्यक्रम में आकर तेजी से रन बनाना और मैच का रुख पलटना उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। कठिन परिस्थितियों में सूर्या की बल्लेबाजी टीम की जीत की नींव बनती थी, जिसकी कमी मौजूदा टीम को भारी पड़ रही है।
जिपं सदस्य कमलेश राय ने कहा कि आईपीएल का सनसनी बिहारी सूर्यवंशी विदेशी धरती पर फ्लॉप साबित हुआ है। इस खिलाड़ी को परिपक्व होने से पूर्व ही टीम में शामिल करने की जल्दबाजी ने वैभव के आत्मविश्वास को तोड़ने का काम किया है। भारतीय सपाट पिचों के सिक्सर किंग को इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, और साउथ अफ्रीका की पिचों पर असली परीक्षा देना अभी बाकी है।
सूर्यकुमार के प्रशंसकों में चंद्रपति यादव, दयाशंकर सिंह, पंकज मिश्रा, रमेश कनौजिया ने बीसीसीआई से अनुरोध किया है कि अपने निर्णय में बदलाव कर सूर्यकुमार को दुबारा टी-ट्वेंटी टीम का नेतृत्व दें। जिससे आगामी टी-ट्वेंटी सीरीज और कई आईसीसी टूर्नामेंट की ट्रॉफियां भारत की झोली में आएं।
वहीं गांव में अब सूर्यकुमार यादव के समर्थकों की निराशा और आक्रोश स्पष्ट नजर आती है। उनकी अनुपस्थिति में टीम इंडिया की प्रदर्शन में आई गिरावट ने प्रशंसकों को चिंतित कर दिया है। अब देखना यह है कि बीसीसीआई इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या सूर्यकुमार यादव को फिर से टीम में शामिल किया जाएगा। गांव के लोगों की अब अरुचि क्रिकेट से हो गई है। दबी जुबान में लोग कह रहे हैं कि एक सूर्य था उसे उगने का मौका नहीं दिया जा रहा है।