ईरान के ‘डील’ वाले दावे को ट्रंप ने नकारा, रूस-चीन को भी मैसेज- यूरेनियम ले जाना कतई मंजूर नहीं होगा… – us iran conflict white house warns russia china over sea route ntc dhrj


मिडिल ईस्ट में शांति बनाने की कोशिशों के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है. ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के साथ उसकी एक सीक्रेट डील होने वाली है, जिसके तहत अमेरिकी सेना वहां से पीछे हट जाएगी. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनके प्रशासन ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. व्हाइट हाउस ने साफ कहा कि ईरान का यह दावा पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत है. इसके साथ ही अमेरिका ने रूस, चीन जैसे देशों को भी सख्त मैसेज दे दिया है कि ईरान से यूरेनियम ले जाना कतई मंजूर नहीं होगा.

दरअसल, ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने एक ड्राफ्ट का हवाला देते हुए खबर चलाई थी. उसमें कहा गया था कि एक नए समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही अगले 30 दिनों में पहले की तरह सामान्य हो जाएगी. इसके बदले में अमेरिका ईरान के आसपास से अपनी नौसेना की नाकाबंदी हटा लेगा, अपनी सेना की मौजूदगी को भी कम करेगा. ईरान इस समझौते को अपनी बड़ी जीत की तरह दिखा रहा था, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने कुछ ही घंटों में इस पर पानी फेर दिया.

व्हाइट हाउस का करारा जवाब

व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करके ईरान को बेनकाब किया. अमेरिका ने लिखा कि ईरानी मीडिया की यह रिपोर्ट पूरी तरह बकवास है, जिस समझौते का दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह फर्जी है. अमेरिकी प्रशासन ने दुनिया से अपील की है कि ईरान के सरकारी मीडिया की बातों पर कोई भी भरोसा न करे, क्योंकि सच्चाई सबके सामने है. यह पूरा विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब पिछले सोमवार को ही अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल ठिकानों, बारूदी सुरंग बिछाने वाली नावों पर जोरदार हमला किया था. वहीं, अमेरिका ने रूस और चीन को भी संदेश देते हुए कहा है कि ईरान से यूरेनियम ले जाने या उससे जुड़ी किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा. यह टिप्पणी इस पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना रही है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस पूरे विवाद का मुख्य केंद्र है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 फीसदी कच्चा तेल इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. ईरान की सेना (IRGC) इस रास्ते पर अपना दबदबा दिखाने की कोशिश कर रही है. ईरानी मीडिया का कहना है कि पिछले 24 घंटों में उनकी देखरेख में 23 जहाजों ने इस रास्ते को पार किया. ईरान समझौते के लिए शर्तें रख रहा है कि दुश्मन देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की इजाजत बिल्कुल नहीं मिलेगी.

फिलहाल, इस पूरे तनाव के बीच वाशिंगटन पर युद्ध रोकने का भारी दबाव है. बंद कमरों के भीतर कूटनीतिक बातचीत चल रही है. इन सब के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मुद्दे पर बहुत जल्द एक कैबिनेट बैठक बुलाने जा रहे हैं, जिसमें रूस, चीन की हरकतों को लेकर भी रणनीति तय होगी.
 

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