ईरान के ‘सीक्रेट माउंटेन’ पर ट्रंप की नजर, आखिर क्यों खतरनाक माना जा रहा ये ठिकाना?, International Hindi News


Iran US Tension: जाग्रोस पहाड़ियों की गहराई में छिपा पिकैक्स माउंटेन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया टारगेट बन गया है। माना जा रहा है कि यह विशाल अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स ईरान का गुप्त यूरेनियम संवर्धन केंद्र या हथियार-ग्रेड यूरेनियम का स्टोरेज हो सकता है।

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ते ही जा रहा है। ईरान और अमेरिका एक बार एक दूसरे को ‘देख’ लेने की बात कर रहे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर ईरान के ‘सीक्रेट माउंटेन’ पर है। माना जा रहा है कि यही पर अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स या तो ईरान का गुप्त यूरेनियम संवर्धन केंद्र है या हथियार-ग्रेड यूरेनियम का सुरक्षित भंडारण स्थल है। अब इसको लेकर ट्रंप ने सोमवार को साफ चेतावनी देते हुए कहा कि हम पिकैक्स माउंटेन को खत्म करने जा रहे हैं।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के जाग्रोस पहाड़ियों में स्थित गुप्त अंडरग्राउंड सुविधा ‘पिकैक्स माउंटेन’ (कुह-ए कोलांग गाज ला) को अपना नया निशाना बताते हुए सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने सोमवार को ‘द ह्यूग हेविट शो’ में दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि हम पिकैक्स माउंटेन को खत्म करने जा रहे हैं। ईरानियों से कह दो कि वे तैयार रहें। हम वहां बारीकी से नजर रख रहे हैं। हमें कोई गतिविधि नजर नहीं आ रही, लेकिन जब जरूरत पड़ी तो हम इसे उड़ा देंगे।

बता दें कि अमेरिका की ओर से यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब ट्रंप बार-बार दावा कर चुके हैं कि पिछले साल जून में अमेरिकी हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ‘खत्म’ कर दिया था। इसके बावजूद पिकैक्स माउंटेन अब अमेरिका की प्राथमिकता में शामिल है।

बंकर-बस्टर बमों से भी सुरक्षित गहराई

रॉयटर्स और द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट्स के अनुसार, पिकैक्स माउंटेन के नीचे बने विशाल सुरंग कॉम्प्लेक्स इतने गहरे हैं कि वर्तमान अमेरिकी बंकर-बस्टर बम भी उन्हें भेद नहीं सकते। अनुमान है कि अंडरग्राउंड हॉल 200 फीट से ज्यादा मिट्टी-चट्टान या 20 फीट मोटी कंक्रीट की परत के नीचे स्थित हैं। कुछ चैंबर तो सतह से 260 से 330 फीट की गहराई पर हो सकते हैं, जो फोर्डो संवर्धन सुविधा से भी ज्यादा गहरे हैं। नतांज परमाणु केंद्र से महज दो किलोमीटर दक्षिण में स्थित इस साइट पर 2020 से खुदाई चल रही है। ईरान ने शुरू में इसे नई सेंट्रीफ्यूज असेंबली फैक्ट्री बताया था, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सुरंगों के आकार और गहराई को देखते हुए यह गुप्त यूरेनियम संवर्धन प्लांट या अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का सुरक्षित स्टोरेज हो सकता है।

हमलों के बाद भी निर्माण जारी

सितंबर 2025 में वॉशिंगटन पोस्ट ने सैटेलाइट इमेजरी के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि अमेरिकी-इजरायली हमलों के बावजूद साइट पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हालिया तस्वीरों में बढ़ी हुई सुरक्षा दीवारें, मजबूत टनल दरवाजे, नई खोदी गई मिट्टी के ढेर और भारी निर्माण उपकरण साफ नजर आ रहे हैं।

ऐसे में विशेषज्ञों का अनुमान है कि ईरान इन गतिविधियों के जरिए हमलों से बचाव के साथ-साथ संवेदनशील परमाणु सामग्री को सुरक्षित स्थानांतरित करने की कोशिश कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इस सुविधा का कभी निरीक्षण नहीं किया है। ईरान के पास मौजूद 60% शुद्धता वाले यूरेनियम स्टॉक की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता जताई जा रही है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस सामग्री को पिकैक्स माउंटेन जैसी अज्ञात गुप्त जगह पर ले जाया जा सकता है। शायद यही कारण है कि ट्रंप के निशाने पर यह सीक्रेट माउंटेन है।

मिडिल ईस्ट में वार-पलटवार का दौर जारी

ट्रंप की धमकियों के बीच अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार तीसरी रात लगभग पांच घंटे तक बड़े पैमाने पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में पलटवार करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला किया और बहरीन क्षेत्र में नए हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार देर रात जारी बयान में कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, तटीय रक्षा प्रणालियों तथा नौसैनिक क्षमताओं को निशाना बनाया। हमलों में बंदर अब्बास और बुशहर बंदरगाहों के आसपास के इलाके भी शामिल थे।

ट्रंप ने की हमलों की पुष्टि

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि इन अभियानों का मकसद हॉर्मुज में व्यापारिक जहाजों को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है। ट्रंप ने पिछले सप्ताह कांग्रेस को वॉर पावर्स एक्ट के तहत औपचारिक सूचना दी थी कि सात जुलाई से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान फिर शुरू हो गए हैं। इस सूचना के तहत अमेरिकी रक्षा मंत्रालय को कांग्रेस की अलग अनुमति के बिना 60 दिनों तक अभियान चलाने की छूट मिलती है। द हिल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने सांसदों को भेजे दो पृष्ठों के पत्र में लिखा कि हमले सीमित, योजनाबद्ध और सटीक हैं, जिनमें अमेरिकी थल सेना शामिल नहीं है। इनमें नागरिक हताहतों को न्यूनतम रखने का पूरा ध्यान रखा गया है।

नौसैनिक नाकेबंदी और टैक्स का ऐलान

राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि मंगलवार शाम चार बजे से ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए सुरक्षा प्रदाता की भूमिका निभाएगा और इन जहाजों पर 20 प्रतिशत सुरक्षा शुल्क लगाया जा सकता है। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि हम हर किसी को गुजरने देंगे, सिवाय उन जहाजों के जो ईरान के साथ व्यापार कर रहे हों।



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