उत्तराखंड में सरकारी नौकरी और नीलामी के नाम पर ठगने वाला गैंग सक्रिय, दो लोगों को लगाई लाखों की चपत


TRANSPORT DEPARTMENT JOB FRAUD

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी (Etv Bharat)

देहरादून: सरकारी नौकरी दिलाने और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय आरटीओ में जब्त वाहनों की नीलामी के नाम पर लाखों रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है. परिवहन विभाग को मिली दो अलग-अलग शिकायतों के प्रथम दृष्टया परीक्षण के बाद मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और प्रतिरूपण (Impersonation) जैसे गंभीर अपराधों की जानकारी मिलने पर संबंधित कोतवाली डालनवाला को एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

सरकारी नौकरी और आरटीओ नीलामी के नाम पर लाखों की ठगी: जानकारी के अनुसार पहली शिकायत देहरादून निवासी ऋषि ने 18 जुलाई 2026 को परिवहन विभाग में दर्ज कराई. शिकायत के अनुसार, आरोपी आशीष शर्मा ने खुद को आरटीओ विभाग से जुड़ा बताते हुए जब्त वाहनों की सस्ती नीलामी का झांसा दिया और इस बहाने उनसे 1.54 लाख रुपये ले लिए. आरोप है कि रकम लेने के बाद फर्जी रसीद और चेक भी दिए गए, लेकिन न तो वाहन मिले और न ही पैसे लौटाए गए. पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि रुपये वापस मांगने पर जान से मारने और फंसाने की धमकी दी गई.

न नौकरी मिली न वाहन: दूसरी शिकायत राकेश राठौर ने दी है. उनका आरोप है कि आशीष शर्मा और उसके कथित भाई विपिन शर्मा ने उनके बेटे को आरटीओ में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1 लाख रुपए वसूले. इसके बाद जब्त वाहनों और जेसीबी मशीन की नीलामी का लालच देकर अलग-अलग किश्तों में कुल 3.80 लाख रुपए ले लिए. पीड़ित का कहना है कि एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद न नौकरी मिली और न ही कोई वाहन.

परिवहन विभाग ने मुकदमा दर्ज करने के दिए निर्देश: आरटीओ संदीप सैनी ने बताया है कि-

शिकायतों के साथ उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में विभागीय अधिकारियों के नाम की फर्जी मुहरों के इस्तेमाल की भी बात सामने आई है. प्रथम दृष्टया तथ्यों के आधार पर मामला गंभीर पाए जाने पर संबंधित थाना डालनवाला को एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है.
-संदीप सैनी, आरटीओ-

परिवहन विभाग की लोगों से अपील: परिवहन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि परिवहन विभाग से जुड़ी किसी भी सेवा, सूचना या प्रक्रिया की पुष्टि केवल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.transport.uk.gov.in अथवा संबंधित परिवहन कार्यालय से करें. चालान का भुगतान केवल www.parivahan.gov.in के माध्यम से करें. किसी अनधिकृत लिंक, व्यक्ति या एजेंट के झांसे में न आएं. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या परिवहन विभाग को दें.
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