एक से ज्यादा शादी करने पर नहीं मिलेगा सरकारी सुविधाओं का लाभ, असम बजट में सख्त नियम वाला प्रस्ताव पेश


डिजिटल डेस्क, गुवाहटी। असम सरकार ने इस वर्ष बजट में बहुविवाह के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया है। राज्य के वित्त मंत्री जयंत मल्ल बरुआ ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश करते हुए घोषणा की कि बहुविवाह करने वाले पुरुषों को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।

साथ ही, यदि कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे सेवा से बर्खास्त किया जा सकेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पात्र लोगों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण, लैंगिक न्याय, ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को भी बढ़ावा देना है।

बजट में असम सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1964 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से हटाने का प्रविधान किया जाएगा। इसके अलावा, किसी भी आपराधिक कानून के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्तियों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव है।

वित्त मंत्री ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के कारण नियमित बजट पहले पेश नहीं किया जा सका था, इसलिए अगस्त से राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं दोबारा शुरू की जाएंगी। इन योजनाओं के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रविधान किया गया है।

बरुआ ने 2.85 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए छोटे चाय उत्पादकों के लिए कर छूट की सीमा में चार गुना वृद्धि और पाइप्ड नेचुरल गैस पर वैट में लगभग 10 प्रतिशत की कमी का भी प्रस्ताव रखा।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुधार पर सरकार की सख्त नीति दोहराते हुए कहा कि बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है, जबकि आपराधिक मामलों में दोषी पाए गए लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।

इसके लिए कानून में बदलाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट राज्य के समग्र विकास और सुशासन को नई दिशा देगा।

गौरतलब है कि असम विधानसभा ने पिछले वर्ष असम बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025 पारित किया था। इस कानून के तहत पहली शादी कानूनी रूप से समाप्त हुए बिना दूसरी शादी करने या उसे छिपाने पर अधिकतम सात वर्ष की सजा और जुर्माने का प्रविधान है। हालांकि, यह कानून संविधान की छठी अनुसूची वाले क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों पर लागू नहीं होगा।

अगले पांच वर्षों में दो लाख सरकारी नौकरियां

राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के क्षेत्र में बड़ा एलान करते हुए सरकार ने अगले पांच वर्षों में दो लाख लोगों को सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। वित्त मंत्री जयंत मल्ल बरुआ ने कहा कि सरकार रिक्त पदों को भरने के साथ-साथ नई नियुक्तियों के लिए नए पद भी सृजित करेगी।

पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने 1.64 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां प्रदान की हैं। अब सरकार रोजगार सृजन के अगले चरण में प्रवेश कर रही है, जिसके तहत विभिन्न विभागों में दो लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।



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