एमपी में एथनॉल घोटाला: सरकार का चावल सरकार को ही 6 गुना दाम पर बेचा, 242 क्विंटल चावल लेकर निकला लापता ट्रक बालाघाट में मिला – mp rice diversion scam ethanol plant fci probe balaghat chhindwara e20 petrol


Ethanol Scam: मध्य प्रदेश में सब्सिडी वाले सरकारी चावल को एथनॉल प्लांट के बजाय प्राइवेट मिलों में डाइवर्ट करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। SIT इस बात की जांच कर रही है कि कैसे सरकार का ही चावल री-साइकिल होकर दोबारा सरकार को बेचा जा रहा था।

MP Ethanol Scam
एमपी में एथेनॉल घोटाला
छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश में सरकारी सब्सिडी वाले चावल को निजी मिलों में भेजकर सरकार को ही ऊंचे दामों पर वापस बेचने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल रैकेट की परतें खोलने के लिए पुलिस ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) ने शिकायत दर्ज कराई कि छिंदवाड़ा के एक एथनॉल यूनिट के लिए भेजा गया चावल का एक बड़ा कंसाइनमेंट कभी अपनी मंजिल पर पहुंचा ही नहीं।

बालाघाट की राइस मिल में मिला गायब ट्रक

जांच के दौरान पुलिस ने इस गायब खेप को बालाघाट के वारासिवनी में स्थित सांचेती राइस मिल के अंदर खड़ा पाया। नवीनगांव स्थित FCI डिपो से निकले तीन ट्रकों में से एक को 242 क्विंटल चावल के साथ रंगे हाथों इंटरसेप्ट किया गया, जबकि बाकी दो ट्रकों की तलाश जारी है।

हम इस पूरे नेक्सस की जड़ तक जाएंगे। सरकारी एथनॉल खरीद नीति का फायदा उठाकर जिस तरह से इस घोटाले को अंजाम दिया जा रहा था, उसमें शामिल हर चेहरे को बेनकाब किया जाएगा।

ललित शाक्यवार, आईजी, बालाघाट रेंज

6 गुना कीमत पर सरकार को ही चपत

SIT की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। सब्सिडी वाले चावल को पहले प्राइवेट मिलों में डाइवर्ट किया जाता है, फिर उसे नए सिरे से कस्टम मिलिंग साइकिल में डालकर दोबारा सरकारी एजेंसियों को ही बेच दिया जाता है। इस री-साइकलिंग की वजह से सरकार अनजाने में एक ही चावल के लिए 4 से 6 गुना अधिक कीमत चुका रही थी।

दर्ज हुई FIR, 4 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि राहुल प्रताप, ट्रक ड्राइवर दुर्गेश शेंडे और राइस मिल मालिक सौरभ सांचेती समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि यह तो सिर्फ ‘टिप ऑफ द आइसबर्ग’ है और इसमें कई बड़े ट्रांसपोर्टर्स और कंपनियां शामिल हैं।

शुद्ध पेट्रोल की मांग खारिज, E20 ही रहेगा विकल्प

इसी बीच केंद्र सरकार ने देश में शुद्ध पेट्रोल या कम एथनॉल ब्लेंडिंग वाले ईंधन (E10) को दोबारा विकल्प के रूप में देने से साफ इनकार कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि समानांतर सप्लाई चेन चलाने से लॉजिस्टिक्स की लागत बहुत बढ़ जाएगी, इसलिए E20 ही भविष्य है।

आकाश सिकरवार

लेखक के बारे मेंआकाश सिकरवारआकाश सिकरवार नवभारतटाइम्स.कॉम की मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ डिजिटल टीम में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं। उनके पास प्रिंट, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता का 7 वर्षों का लंबा अनुभव है। जुलाई 2023 में NBT ऑनलाइन से जुड़ने से पहले वे पंजाब केसरी ग्रुप और सारांश टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

विशेषज्ञता: आकाश की मुख्य विशेषज्ञता मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम और प्रशासनिक खबरों का सटीक विश्लेषण करने में है। वे इन क्षेत्रों के ऐतिहासिक महत्व, जमीनी विवादों, जल-जंगल-जमीन के मुद्दों और शासन-प्रशासन की जनहितैषी खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। वे जटिल विषयों को सरल भाषा में डिकोड करने और उनके सामाजिक असर को उजागर करने में माहिर हैं।

पत्रकारिता अनुभव और शिक्षा: आकाश ने साल 2019 में पंजाब केसरी ग्रुप से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां उन्होंने ऑटोमोबाइल जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग पर विशेष काम किया। इसके बाद सारांश टाइम्स में सीनियर सब-एडिटर के रूप में न्यूज रिसर्च और डेस्क मैनेजमेंट का अनुभव हासिल किया। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में एम.ए. और बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से पीजी डिप्लोमा किया है।… और पढ़ें