मद्रास हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के उस फैसले को सोमवार को रद्द कर दिया, जिसके तहत करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का फैसला लिया गया था। अदालत के इस आदेश के साथ ही राज्य सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों को दी गई नियुक्तियों पर कानूनी रोक लग गई। यह मामला लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बना हुआ था। करूर भगदड़ 27 सितंबर 2025 को टीवीके प्रमुख विजय की एक रैली के दौरान हुई थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद भीड़ को संभालने और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।