कानपुर में बार-बार असफल होने पर बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट ने दी जान, सरकारी नौकरी नहीं मिलने पर उठाया कदम


जागरण संवाददाता, कानपुर। जिले में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवक ने अपनी जान दे दी। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा ‘मैंने 50 बार सरकारी नौकरी के लिए प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाया। पापा मुझे माफ करना’ यह लिखकर बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट ने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे नौकरानी घर में काम करने पहुंची थी। काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर नौकरानी ने परिवार वालों और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी तो उसका शव फंदे से लटका मिला।

घटना के वक्त मृतक के पिता और बाबा परिवार समेत बड़े बेटे की शादी तय करने के लिए बिहार के बक्सर गए थे। मूलरूप से बिहार के बक्सर और वर्तमान में गुजैनी निवासी राजकुमार लोहिया से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में दो बेटे अमित, 23 वर्षीय आनंद कुमार और बेटी प्रिया है।

आनंद ने भौंती स्थित पीएसआइटी कालेज से 2024 में इलेक्ट्रिकल से बीटेक किया था। प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल करने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 13 अगस्त 2024 को उसे गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था। इसके बाद से आनंद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। वह सचेंडी स्थित एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी कर रहा था, जबकि बड़ा बेटा अमित और बेटी प्रिया बक्सर में सरकारी शिक्षक हैं।

वह अपने भाई–बहनों की तरह सरकारी नौकरी करना चाहता था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिली। पिता राजकुमार ने बताया कि पांच दिन पहले वह बेटे अमित की शादी के लिए लड़की देखने के लिए बिहार गए थे। आनंद को भी उनके साथ जाना था, लेकिन उसने मना कर दिया। 17 जुलाई को घर में काम के लिए नौकरानी पहुंची तो दरवाजा नहीं खुला। इस पर उसने ही उन्हें और पुलिस को सूचना दी थी।

गोविंदनगर थानाप्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि मौके से पांच लाइन का अंग्रेजी में लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला है। इसमें कई बार सॉरी लिखा हुआ था। यह भी लिखा था कि 50 बार सरकारी नौकरी का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाया। पापा मुझे माफ करना। सरकारी नौकरी न लगने के कारण ही तनाव में आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 



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