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World Bicycle Day 2026: साइकिल चलाना सेहत के लिए वरदान है, यह हम सब जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ खास शारीरिक स्थितियों में यही साइकिल आपके लिए वरदान नहीं बल्कि एक बड़ा खतरा बन सकती है? जी हां, अगर आप अनजाने में कुछ गंभीर बीमारियों के साथ पैडल मार रहे हैं, तो यह आपकी तकलीफ को कई गुना बढ़ा सकती है। आइए वर्ल्ड साइकिल डे (World Bicycle Day) के मौके पर जानते हैं किन लोगों को साइकिल चलाने से तुरंत तौबा कर लेनी चाहिए। वरना फायदे की जगह नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

1. रीढ़ की हड्डी और स्लिप डिस्क के मरीज
बेशक साइकिल चलाना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन जो लोग रीढ़ की हड्डी और स्लिप डिस्क के मरीज हैं उन लोगों के लिए ये परेशानी का सबब बन सकता है। साइकिल चलाते समय व्यक्ति को आगे की तरफ झुकना पड़ता है, जिससे पीठ और रीढ़ की हड्डी पर लगातार दबाव बना रहता है। अगर किसी को स्लिप डिस्क, साइटिका (Sciatica) या पीठ के निचले हिस्से में गंभीर दर्द है, तो आगे झुकने और रास्तों के झटकों के कारण रीढ़ की हड्डी के डिस्क पर दबाव बढ़ सकता है। इससे नसों में खिंचाव और असहनीय दर्द हो सकता है।

2. घुटनों के गंभीर अर्थराइटिस से पीड़ित लोग
वैसे तो साइकिलिंग को जोड़ों के लिए एक ‘लो-इम्पैक्ट’ एक्सरसाइज माना जाता है, लेकिन यह नियम केवल शुरुआती या सामान्य दर्द पर लागू होता है। जो घुटनों के गंभीर अर्थराइटिस से पीड़ित लोग हैं उन लोगों को साइकिल चलाने से परहेज करना चाहिए। यदि किसी के घुटनों का कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है या वे गंभीर अर्थराइटिस (गठिया) के स्टेज पर हैं, तो पैडल मारते समय घुटनों पर बार-बार पड़ने वाला रोटेशनल प्रेशर जोड़ों में सूजन और घिसाव को बहुत अधिक बढ़ा सकता है।

3. गंभीर दिल के मरीज
साइकिल चलाना एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज है जो दिल को मजबूत करती है, लेकिन कमजोर दिल के लिए यह खतरनाक भी हो सकती है। जिन लोगों को हाल ही में हार्ट अटैक आया हो, जिनका ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा अनियंत्रित रहता हो, या जिन्हें ‘अरिदमिया’ (दिल की धड़कन का अनियमित होना) की बीमारी हो, उन्हें अचानक से हैवी पैडलिंग नहीं करनी चाहिए। इससे दिल पर अचानक लोड पड़ता है जिससे कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ सकता है।
4. वर्टिगो और संतुलन की समस्या
साइकिल चलाने के लिए शरीर का मानसिक और शारीरिक संतुलन होना सबसे पहली शर्त है। जिन लोगों को ‘वर्टिगो’ (अचानक चक्कर आना), कान के इन्फेक्शन के कारण बॉडी बैलेंस बिगड़ना, या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं की वजह से संतुलन बनाने में दिक्कत होती है, उन्हें खुली सड़क पर साइकिल बिल्कुल नहीं चलानी चाहिए। अचानक चक्कर आने से गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

5. हाल ही में हुई सर्जरी या फ्रैक्चर
यदि आपके शरीर के किसी भी हिस्से में हाल ही में कोई ऑपरेशन हुआ है या हड्डी टूटी है, तो साइकिलिंग से दूर रहें। विशेषकर पेट, कूल्हे, घुटने या टखने की सर्जरी के बाद टांकों पर दबाव पड़ने या साइकिल से गिरने पर बड़ा नुकसान हो सकता है। जब तक डॉक्टर पूरी तरह ‘रिकवरी’ का सर्टिफिकेट न दे दें, पैडल को हाथ न लगाएं।
6. गर्भावस्था के अंतिम महीने
गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में हल्की इनडोर साइकिलिंग की सलाह कुछ डॉक्टर्स देते हैं, लेकिन खुली सड़क पर साइकिल चलाना पूरी तरह मना होता है। दरअसल, प्रेगनेंसी के दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर (अंतिम महीनों) में शरीर का गुरुत्वाकर्षण केंद्र बदल जाता है, जिससे गिरने का जोखिम बहुत बढ़ जाता है। सड़क के झटके और गड्ढे भी गर्भ में पल रहे शिशु के लिए असुरक्षित हो सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।
Story first published: Wednesday, June 3, 2026, 8:30 [IST]