केंद्र सरकार की इस योजना से आसान होगा इलाज, जानिए कौन उठा सकता है फायदा


इस योजना के तहत पात्र लोगों को ओपीडी से लेकर अस्पताल में भर्ती, जांच, दवाइयों और कैशलेस इलाज जैसी कई स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं. इसके लिए तय मासिक योगदान देना होता है. आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ किन लोगों को मिलता है, कितनी फीस देनी पड़ती है और CGHS कार्ड कैसे बनवाया जा सकता है.

कौन ले सकता है CGHS का फायदा?

CGHS का लाभ मुख्य रूप से इन लोगों को मिलता है:

  • केंद्र सरकार के कर्मचारी और उनके योग्य परिवार के सदस्य 
  • केंद्र सरकार के पेंशनर्स और फैमिली पेंशन पाने वाली विधवाएं (रेलवे और सशस्त्र बलों के पेंशनर्स को छोड़कर)
  • दिल्ली में तैनात दिल्ली पुलिस कर्मी
  • रेलवे बोर्ड के कर्मचारी
  • कुछ चयनित सरकारी और स्वायत्त संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी 

योजना का लाभ परिवार के उन सदस्यों को भी मिलता है जो मुख्य कार्डहोल्डर के साथ रहते हैं.

परिवार के किन सदस्यों को मिलता है कवर?

CGHS में परिवार के लिए भी अलग नियम तय किए गए हैं.

  • पति या पत्नी: इंकम की कोई सीमा नहीं है 
  • बेटा: जब तक नौकरी शुरू न करे या शादी न हो जाए. स्थायी दिव्यांग बेटे को जीवनभर इसका लाभ मिलता रहेगा.
  • बेटी: शादी या कमाई शुरू होने तक, उम्र की कोई सीमा नहीं.
  • माता-पिता, विधवा बेटी और नाबालिग भाई-बहन: यदि उनकी मासिक इंकम ₹9,000 से कम हो और वे कर्मचारी के साथ रहते हों.

क्या-क्या मेडिकल सुविधाएं मिलती हैं?

CGHS के तहत कई जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं.

  • ओपीडी इलाज और दवाइयां
  • सरकारी अस्पताल या पॉलीक्लिनिक में विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह
  • सरकारी और पैनल में शामिल अस्पतालों में भर्ती का इलाज
  • पैनल में शामिल डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच
  • अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर में कैशलेस इलाज
  • आपातकाल में निजी या सरकारी अस्पताल के खर्च का रीइम्बर्समेंट
  • कृत्रिम अंग, हियरिंग एड जैसी निर्धारित मेडिकल सहायता पर खर्च की वापसी
  • मातृत्व, परिवार कल्याण और बाल स्वास्थ्य सेवाएं
  • आयुष (आयुर्वेद, होम्योपैथी, सिद्ध, यूनानी) के तहत इलाज और दवाइयां

कितना देना होगा मासिक योगदान?

7वें वेतन आयोग का पे लेवल मासिक योगदान
लेवल 1 से 5 ₹250
लेवल 6 ₹450
लेवल 7 से 11 ₹650
लेवल 12 और उससे ऊपर ₹1,000

किसे कौन-सा अस्पताल वार्ड मिलेगा?

वेतन सीमा वार्ड
₹36,500 तक जनरल वार्ड
₹36,501 से ₹50,500 सेमी-प्राइवेट वार्ड
₹50,500 से अधिक प्राइवेट वार्ड

CGHS कार्ड कैसे बनवाएं?

CGHS कार्ड बनवाने के लिए सबसे पहले जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें. पेंशनर्स को PPO, पहचान पत्र और पते का प्रमाण देना होगा, जबकि नौकरी कर रहे कर्मचारियों को सैलरी स्लिप या सैलरी सर्टिफिकेट, पते का प्रमाण और परिवार के सदस्यों की उम्र का प्रमाण देना होगा. इसके बाद CGHS पोर्टल पर जाकर ‘Apply for CGHS Card’ पर क्लिक करें, मोबाइल नंबर OTP से वेरीफाई करें, अपनी जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर आवेदन जमा कर दें. पेंशनर्स को बाद में BharatKosh के जरिए तय राशि जमा करनी होती है, जबकि कर्मचारियों का भुगतान आमतौर पर उनका विभाग करता है. CGHS कार्ड पर आपकी फोटो और यूनिक आईडी होती है, जिसकी मदद से अस्पताल और जांच केंद्रों में इलाज की सुविधा मिलती है. अगर कार्ड खो जाए, तो पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कर FIR की कॉपी, आवेदन और ₹50 शुल्क देकर नया कार्ड बनवाया जा सकता है. नौकरी कर रहे कर्मचारियों का कार्ड रिटायरमेंट तक मान्य रहता है, जबकि पेंशनर्स को समय पर योगदान राशि जमा करते रहने पर कार्ड चालू रहता है.



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