केरल की 21 वर्षीय मेडिकल छात्रा सांवरिया बसंत की उज्बेकिस्तान में कथित तौर पर हत्या कर दी गई. इस मामले में उसके साथ पढ़ने वाले एक भारतीय छात्र को गिरफ्तार किया गया है. परिवार का आरोप है कि आरोपी छात्र लंबे समय से उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था. सांवरिया बसंत उज्बेकिस्तान के बुखारा स्टेट मेडिकल इंस्टीट्यूट में फर्स्ट ईयर की छात्रा थीं. उन पर कथित हमला करने और हत्या के आरोप में 22 वर्षीय सदरुल अनम को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी केरल के मलप्पुरम जिले का रहने वाला बताया जा रहा है. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उज्बेकिस्तान की पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.
सांवरिया का पार्थिव शरीर भारत लाए जाने के बाद उनके परिवार की मांग पर गुरुवार (9 जुलाई 2026) को अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया. इसके बाद परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया. पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर केरल के हरिपद पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और उज्बेकिस्तान की एजेंसियों से आधिकारिक जानकारी का इंतजार कर रही है.
Indian Medical student Savariya from Kerala has lost her life in Uzbekistan ( Bukhara State Medical University )
We urge @amb_tashkent to immediately facilitate the repatriation of her mortal remains.
Those responsible must be punished. @MEAIndia @sidhant pic.twitter.com/arljSswNRG— Dr Mohammad Momin Khan (@DrMohammadMomin) July 7, 2026
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शरीर पर मारपीट के निशान पाए गए
हरिपद पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर वी. विष्णु ने बताया कि शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मारपीट के निशान पाए गए हैं. उन्होंने कहा कि अभी तक उज्बेकिस्तान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अपराध की पूरी आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विदेश में दर्ज घटना के संबंध में केरल में दर्ज मामले की कानूनी स्थिति क्या होगी. परिवार का आरोप है कि आरोपी सदरुल अनम लगातार सांवरिया पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था. शिकायत के अनुसार, जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो उसके साथ कई बार मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया. परिवार का यह भी दावा है कि कॉलेज के कई अन्य छात्रों को इस कथित उत्पीड़न और दबाव के बारे में जानकारी थी.
भारतीय दूतावास ने मामले पर क्या कहा?
इस मामले पर उज्बेकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास ने भी प्रतिक्रिया दी है. दूतावास ने कहा कि वह पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है. इसमें पार्थिव शरीर को भारत लाने की व्यवस्था भी शामिल थी. भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच X पर जारी बयान में कहा कि दूतावास मृतक छात्रा के परिवार के संपर्क में है और उज्बेकिस्तान के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है. दूतावास के अनुसार, भारत और उज्बेकिस्तान के अधिकारी मामले की जांच पूरी होने तक संपर्क में रहेंगे. फिलहाल मामले की जांच जारी है और हत्या के कारणों तथा परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
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