क्या है SSC का ‘फिक्स-फ्लोट’ नियम? अब मिलेगा सरकारी नौकरी में पसंदीदा पोस्ट पाने का दूसरा मौका


What is SSC Fix and Float Rule: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर है. कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए नया नियम लागू करने का फैसला किया है. अब एसएससी भर्ती परीक्षाओं में ‘फिक्स’ और ‘फ्लोट’ ऑप्शन के साथ स्लाइडिंग मैकेनिज्म शुरू किया जाएगा. इस नए सिस्टम का मकसद यह है कि चयन के बाद खाली रह जाने वाली सरकारी नौकरियों को कम किया जा सके और ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवारों को मौका मिल सके.

क्या है एसएससी का फिक्स और फ्लोट नियम?

एसएससी का यह नया नियम काफी हद तक यूनिवर्सिटी काउंसलिंग की प्रक्रिया जैसा है. आमतौर पर यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए कई काउंसलिंग राउंड होते हैं, लेकिन एसएससी की नई व्यवस्था में भर्ती प्रक्रिया को लंबा किए बिना एक अतिरिक्त मौका दिया जाएगा.

इस सिस्टम के तहत पहले चयनित उम्मीदवारों की एक टेंटेटिव लिस्ट जारी की जाएगी. इसके बाद चयनित उम्मीदवारों से पूछा जाएगा कि उन्हें जो पोस्ट और लोकेशन मिली है, क्या वे उसे स्वीकार करना चाहते हैं या नहीं. इसी दौरान उम्मीदवारों को फिक्स और फ्लोट का विकल्प मिलेगा.

फिक्स और फ्लोट का मतलब क्या है?

अगर कोई उम्मीदवार ‘फिक्स’ विकल्प चुनता है, तो इसका मतलब होगा कि वह उसी पोस्ट और स्थान पर नियुक्ति स्वीकार करने के लिए तैयार है. वहीं अगर कोई उम्मीदवार ‘फ्लोट’ विकल्प चुनता है, तो इसका मतलब होगा कि वह अपनी मेरिट और प्राथमिकता के आधार पर अगले राउंड में बेहतर पोस्ट या स्थान मिलने की उम्मीद में इंतजार करना चाहता है. ऐसे उम्मीदवारों को बाद में होने वाले स्लाइडिंग राउंड में मौका मिल सकता है.

क्यों लाया गया यह नया नियम?

SSC के मुताबिक कई बार ऐसा होता है कि चयन होने के बाद भी कुछ उम्मीदवार जॉइन नहीं करते. इसके कारण कई पद खाली रह जाते हैं. उदाहरण के लिए, कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) जैसे बड़े एग्जाम में 30 से 50 लाख तक उम्मीदवार आवेदन करते हैं. लेकिन इनमें से करीब 20 से 30 प्रतिशत उम्मीदवार चयन के बाद भी नौकरी जॉइन नहीं करते. इससे कई सरकारी पद खाली रह जाते हैं. नया फिक्स-फ्लोट सिस्टम लागू होने से इन खाली पदों को दूसरे इच्छुक उम्मीदवारों से भरा जा सकेगा.

क्या होगा स्लाइडिंग राउंड?

पहले राउंड के बाद अगर कुछ पद खाली रह जाते हैं, तो एक स्लाइडिंग राउंड आयोजित किया जाएगा. इस राउंड में फ्लोट विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को उनकी मेरिट और पसंद के आधार पर बेहतर पोस्ट या स्थान मिल सकता है. इसके बाद संशोधित फाइनल रिजल्ट जारी किया जाएगा और नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

उम्मीदवारों को कैसे होगा फायदा?

इस नई व्यवस्था से दो बड़े फायदे होने की उम्मीद है. पहला, ज्यादा से ज्यादा सरकारी पद भरे जा सकेंगे. दूसरा, उम्मीदवारों को अपनी मेरिट और पसंद के अनुसार पोस्ट चुनने का बेहतर मौका मिलेगा.

SSC का मानना है कि इस प्रयोग से भर्ती प्रक्रिया में 90 से 95 प्रतिशत तक पदों को भरने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. इससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ा फायदा मिल सकता है.



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