‘खूब पसीना बहाएं, पदक जीतें और सरकारी नौकरी लें’, सीएम योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों को दी सलाह – cm yogi adityanath advises athletes win medals and secure government job
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में खिलाड़ी भी पहुंचे। सीएम ने उन्हें मेहनत से खेलने और पदक लाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि योग्य खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दी जा रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ जनता दर्शन कार्यक्रम में खिलाड़ियों से मिले (NBT).
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज खिलाड़ियों को भविष्य उज्जवल बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पसीना बहाने से ही सफलता मिलेगी और खेल में परिश्रम करने से ही जीवन खिलेगा। उन्होंने कहा कि, आप सभी खूब मेहनत करें। उत्तर प्रदेश सरकार खिलाड़ियों की सीधी भर्ती लगातार कर रही है। कई खिलाड़ियों को डीएसपी, तहसीलदार सहित कई पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। आप भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाइए, सरकार पुरस्कार राशि के साथ ही नौकरी भी देगी लेकिन इसके लिए खूब पसीना भी बहाना होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों में शामिल खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान यह बात कही। सीएम योगी ने जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे सभी लोगों से एक-एक करके मुलाकात की। उन्होंने लोगों से उनका हालचाल जाना, उनका समस्या के बारे में पूछा, प्रार्थना पत्र लिए और उचित निराकरण का आश्वासन भी दिया। सीएम योगी ने राजस्व, पुलिस से जुड़े मामलों में देरी की शिकायत पर सख्ती भी दिखाई। उन्होंने अभिभावकों के साथ आए बच्चों को चॉकलेट दी। उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए कहा।
परिश्रम करके पदक जीतने पर मिलेगी नौकरी
सीएम योगी से ‘जनता दर्शन’ में मिलने के लिए कई खिलाड़ी भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बातें रखीं। सीएम योगी ने खेलों के लिए उनकी तैयारी और पदकों के बारे में उनसे जानकारी ली। इस पर उन्हें बहुत सकारात्मक जवाब नहीं मिले तो उन्होंने कहा कि आप सभी जमकर परिश्रम कीजिए। उत्तर प्रदेश सरकार खिलाड़ियों की नौकरियों में सीधी भर्ती कर रही है। आप भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाइए, पुरस्कार राशि के साथ नौकरी भी दी जाएगी।
पारिवारिक विवाद घर में ही सुलझाए जाएं
मुख्यमंत्री के सामने पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले भी आए। इस पर मुख्यमंत्री ने मामलों की विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने शिकायत लेकर आए लोगों का मार्गदर्शन किया और इसके बुरे नतीजों को लेकर चेताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से बच्चों पर भी प्रतिकूल असर होता है। विवाद घर के बड़े-बुजुर्गों के सामने बैठकर सुलझाएं। निजी मामलों में बाहर के लोगों को शामिल न करें।
राजस्व और पुलिस से जुड़ी शिकायतों के निदान में देरी
मुख्यमंत्री के समक्ष राजस्व और पुलिस से जुड़े मामले भी आए। उन्होंने प्रकरणों की जानकारी ली और पूछा कि कितने दिन पहले पुलिस या राजस्व कर्मी से शिकायत की थी। समय अधिक होने पर सीएम ने सख्ती दिखाई और कहा कि यह हीलाहवाली नहीं चलेगी। समय सीमा के भीतर निस्तारण न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लेखक के बारे मेंसूर्यकांत पाठकसूर्यकांत पाठक, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में कंसल्टेंट हैं। वे जून 2025 से टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े हैं। सूर्यकांत पाठक एनबीटी डिजिटल में बिहार डेस्क पर सेवाएं दे रहे हैं। सूर्यकांत समाचार विश्लेषण, संपादकीय लेखन, कला समीक्षा, नाट्य और संगीत समीक्षा, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों, सामाजिक मुद्दों और राजनीतिक मुद्दों पर धारदार कलम चलाते हैं। वे 31 साल से पत्रकारिता कर रहें हैं। इस लंबी अवधि में उन्होंने कई वर्षों तक अलग-अलग माध्यमों के लिए रिपोर्टिंग की है। कई लोकसभा चुनावों के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों को कवर किया है। कई बड़े सांस्कृतिक, साहित्यिक आयोजनों को भी कवर किया है। उन्होंने कई दिग्गज कलाकारों, राजनीतिज्ञों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साक्षात्कार किए हैं।
सूर्यकांत पाठक ने ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा कई वर्षों तक डेस्क पर संपादन की जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सभी समाचार माध्यमों प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दी हैं। वे इस दौरान रिपोर्टिंग के अलावा विभिन्न डेस्कों पर अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते रहे हैं। वे समय-समय पर स्थानीय समाचार डेस्क के अलावा, देश-प्रदेश, अंतरराष्ट्रीय समाचार, फीचर डेस्क और चुनाव डेस्क के लिए भी काम करते रहे हैं।
सूर्यकांत पाठक विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग और समाचार लेखन करते रहे हैं। वे हमेशा अपनी रपट में खबर से पीछे और खबर से आगे के तथ्यों को भी शामिल करते हैं। इससे उनकी खबरों में समग्रता होती है। वे एक अच्छे ‘स्टोरी टेलर’ हैं और उनके लेखन में दृश्यात्मकता है, जिससे उनकी रपट अधिक प्रभावी बन जाती है।
पत्रकारिता अनुभव
सूर्यकांत पाठक ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो- सागर में कैजुअल एनाउंसर/कंपेयर के रूप में सन 1993 में की थी। सन 1995 में दैनिक समाचार पत्र दैनिक भास्कर के सागर ब्यूरो में रिपोर्टर नियुक्त हुए। बाद में भोपाल में भी इसी पद पर काम किया। सन 1997 में प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक नईदुनिया के इंदौर संस्करण में रिपोर्टर/सब एडिटर का दायित्व संभाला। इसके बाद सन 2003 में अमर उजाला- जम्मू में सीनियर रिपोर्टर नियुक्त हुए। सन 2005 में उन्होंने ईटीवी ज्वाइन किया और उन्हें जबलपुर में पूर्वी मध्य प्रदेश के ब्यूरो चीफ का जिम्मा दिया गया।
सन 2006 में दैनिक भास्कर-भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में फिर से प्रिंट मीडिया में काम शुरू किया। सन 2009 में पीपुल्स समाचार – भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया। इसके बाद उन्होंने सन 2010 में लोकमत समाचार-औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में न्यूज एडिटर का जिम्मा संभाला। उन्होंने जुलाई 2015 में एनडीटीवी इंडिया (डिजिटल)-नई दिल्ली में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया और 2017 में डिप्टी एडिटर बने। जनवरी 2025 में वे एनडीटीवी में सेवानिवृत्त हुए।
सूर्यकांत पाठक ने डॉ हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, सागर से बीए, एमए -परफॉर्मिंग आर्ट (थिएटर), बीसीजे और एसजेसी की डिग्रियां ली हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) से हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में डिप्लोमा किया है। उन्होंने भारत भवन- भोपाल पर रिसर्च की है। उन्होंने’बच्चों पर केबिल टेलिविजन का असर’ विषय पर लघु शोध किया है। इंदौर की गंदी बस्तियों में लोगों के जीवन स्तर पर एक वृहत सर्वे किया है।
अवॉर्ड/अचीवमेंट्स
बेस्ट रिपोर्टर (प्रेस क्लब -सागर), बेस्ट सिटी एडिटर (लोकमत समाचार, महाराष्ट्र), ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी पत्रकारिता अलंकरण (सागर), नारद मुनि सम्मान (इंदौर), भुवन भूषण देवलिया पत्रकारिता पुरस्कार (भोपाल) सहित सूर्यकांत पाठक को कई पुरस्कार मिले हैं।… और पढ़ें