शोल्डर : बेल्जियम को हराकर स्पेनिश टीम 16 साल बाद विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई।
इंगलवुड (अमेरिका), एजेंसी। स्पेनिश टीम के लिए एक बार फिर सुपर सब (स्थानापन्न खिलाड़ी) मिकेल मेरिनो संकटमोचक बने। आर्सेनल के मिडफील्डर मेरिनो ने बेंच से मैदान पर उतरने के 117 सेकंड भीतर मैच का पासा पलट दिया। उनके इस मैजिक से स्पेन ने शुक्रवार रात को बेल्जियम को 2-1 हराकर 16 साल बाद फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई। स्पेन के लिए फैबियान रुइज (30वें मिनट) और मेरिनो (88वें मिनट) ने गोल किए। बेल्जियम के लिए एकमात्र गोल फॉरवर्ड चार्ल्स डी केटेलेरे ने 41वें मिनट में किया। फाइनल में जगह बनाने के लिए अब स्पेन को मंगलवार को प्रबल दावेदार फ्रांस की चुनौती से पार पाना होगा। दोनों टीमें टूर्नामेंट अजेय हैं। स्पेन इससे पहले 2010 में अंतिम चार में पहुंचा था और चैंपियन भी बना था。
दो मिनट में गोल
मेरिनो 86वें मिनट में मैदान पर आए। उन्होंने दो मिनट के भीतर बेल्जियम के बैकअप गोलकीपर सेने लैमेंस की गलती का फायदा उठाकर गोल कर दिया। उन्होंने बॉक्स में घुसकर तब गोल दागा जब लैमेंस पाउ कुबार्सी के लंबे शॉट पर रिबाउंड को नहीं रोक पाए थे। यह लगातार दूसरा मैच था जब मेरिनो ने स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में उतरकर विजयी गोल किया। उन्होंने पिछले मैच में स्पेन की पुर्तगाल पर 1-0 की जीत में इंजरी टाइम के शुरुआती समय में सब्स्टीट्यूट के रूप में मैदान पर आने के चार मिनट बाद ही गोल कर दिया था।
दोनों ऐतिहासिक गोल
मेरिनो ने अपने पहले विश्व कप में दो गोल किए हैं और ये दोनों ही ऐतिहासिक हैं। गोलकीपर लैमेंस को 71वें मिनट में मैदान में उतरना पड़ा, क्योंकि बेल्जियम के लंबे समय से गोलकीपर रहे थिबाउट कर्टोइस जांघ में चोट लगने के कारण मैदान से बाहर चले गए थे। बेल्जियम ने अंतिम मिनटों में बराबरी का गोल करने के लिए जीजान से प्रयास किया, लेकिन आयमेरिक लापोर्टे ने सर्वश्रेष्ठ मौके पर शॉट बाहर मार दिया।
छठे मैच में गोल
मिडफील्डर रुइज ने शानदार टीम मूव का फायदा उठाते हुए पेनाल्टी बॉक्स के अंदर गेंद पर बेहतरीन नियंत्रण बनाया और सटीक शॉट लगाकर उसे गोलपोस्ट में पहुंचकर स्पेन का खाता खोला। हालांकि इसके 11 मिनट बाद ही बेल्जियम के फॉरवर्ड केटेलेरे ने कुबार्सी को छकाते हुए टिमोथी कास्टाग्ने के क्रॉस पर हेडर से गोल दागकर टीम को एक-एक से बराबरी दिला दी। साथ ही स्पेन का टूर्नामेंट में पांच मैचों से गोल न गंवाने का सिलसिला भी थाम दिया।
थिबाउट हुए चोटिल
बेल्जियम के गोलकीपर थिबाउट कर्टोइस ने चार बचाव किए। दूसरे हाफ में एक लंबी किक के बाद वह मैदान पर गिर पड़े। उन्हें मैदान पर ही उपचार दिया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद जब कोच रूडी गार्सिया ने उन्हें वापस बुलाया तो वह अपने आंसू नहीं रोक पाए।
—————————
‘मैंने लगातार दूसरे मैच में ऐसा किया, इसलिए लगता है कि संयोग जैसी कोई चीज होती है। अगर आप तैयार हैं और कोशिश करते हैं तो कोई भी ऐसा कर सकता है। किस्मत ने भी मेरा साथ दिया।’ -मिकेल मेरिनो
‘हमने अच्छा प्रदर्शन किया और उनको समान रूप से टक्कर दी। इस स्तर की टीम को हराने के लिए किस्मत की भी जरूरत पड़ती है जो आज हमारे साथ नहीं थी।’ – रूडी गार्सिया, कोच बेल्जियम
‘यह दो दिग्गज टीम (फ्रांस-स्पेन) के बीच मुकाबला होगा लेकिन हम मैच जीतने में सक्षम हैं। उनकी टीम लाजवाब है लेकिन मुझे अपनी टीम पर पूरा भरोसा है।’ -लुइस डे ला फुएंते, स्पेनिश कोच
————————-
-12 लगातार मुकाबलों (6 जीत, 6 ड्रॉ) में बेल्जियम के खिलाफ अजेय है स्पेन की टीम
-18 मुकाबलों से चला आ रहा बेल्जियम का अजेय रथ भी रोक दिया स्पेनिश टीम ने
-11 गोल स्पेन ने टूर्नामेंट में दाग कर एक संस्करण (1986) में सर्वाधिक गोल का अपना रिकॉर्ड बराबर किया
मिकेल का कमाल
-मिकेल मेरिनो विश्व कप के इतिहास में नॉकआउट मुकाबलों में सब्स्टीट्यूट के रूप में उतरकर दो बार मैच जिताने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।
-वह पिछले 60 साल में पहले फुटबॉलर भी हैं जिन्होंने विश्व कप के नॉकआउट मैचों में 87वें मिनट के बाद दो मुकाबलों निर्णायक गोल दागा।
-मेरिनो हमवतन आल्वारो मोराटा और फर्नांडो के क्लब में शामिल हो गए हैं जिन्होंने विश्व कप में सब्स्टीट्यूट के तौर पर दो-दो गोल किए हैं।
रिकॉर्ड 36वीं जीत
स्पेन की यह सभी मुकाबलों में लगातार रिकॉर्ड 36वीं (27 जीत, 9 ड्रॉ) जीत है। उसने सबसे लंबे समय तक अजेय रहने के अपने पिछले रिकॉर्ड (35 मैच, 2007-2009 और 2018-2021) में सुधार किया।
स्पेन पिछले 68 साल में विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में दो किशोर खिलाड़ियों (लामिन यामाल और पाउ कुबार्सी) को शुरुआती एकादश में उतारने वाली दूसरी टीम है। इससे पहले 1958 में ब्राजील ने वेल्स के खिलाफ पेले और अल्ताफिनी को साथ उतारा था। यामाल (18 वर्ष या उससे कम उम्र) का यह छठा मैच था। वह 18 या उससे कम उम्र में एक विश्व कप में सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ी बने।
649 मिनट बाद टूटी स्पेन की अभेद्य दीवार
गोलकीपर उनाई सिमोन का गोल नहीं खाने का पिछले विश्व कप से शुरू हुआ रिकॉर्ड 649 मिनट में थम गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड इटली के गोलकीपर वाल्टर जेंगा (517 मिनट) में नाम था। दिलचस्प बात यह है कि जेंगा का रिकॉर्ड अर्जेंटीना के क्लाउडियो कैनिजिया ने तोड़ा था, जो उस समय अटलांटा क्लब के लिए खेलते थे। अब स्पेन की लय तोड़ने वाले केटेलारे भी अटलांटा के ही खिलाड़ी हैं।
अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न
✦मिकेल मेरिनो ने स्पेन के लिए कब गोल किया?−
मिकेल मेरिनो ने स्पेन के लिए 88वें मिनट में गोल किया।
✦स्पेन ने किस टीम को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई?+
✦बेल्जियम के गोलकीपर थिबाउट कर्टोइस क्यों चोटिल हुए?+