
चीन को पछाड़ भारत के लिए बिहार के लाल ने जीता गोल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के मिश्रित रिले रेस में चीन और फिलिपींस के खिलाड़ी को पछाड़ा एशियाई अंडर-

विवेक कुमार चनपटिया। चीन में आयोजित एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 4×400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर बिहार के लाल सेतु मिश्रा ने राज्य का नाम रौशन किया है। चीन के ओरडोस में 9 जुलाई से से चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है। जिसमें 9 जुलाई की प्रतियोगिता में ही इसने बाजी मारी। चार खिलाड़ियों की इस मिश्रित प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने चीन जैसी सशक्त टीम के खिलाड़ियों को स्पर्धा में पीछे छोड़ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। इस उपलब्धि से न सिर्फ बिहार के एथलेटिक्स जगत बल्कि चम्पारण के चनपटिया में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। सेतु के गांव चनपटिया प्रखंड के महना में है। जहां जीत का समाचार मिलने के साथ ही सुबह से हीं बधाई देनेवालों का तांता लगा गया।
सेतु की प्रोफेशनल जिंदगी
फिलहाल सेतु भारतीय खेल प्राधिकरण के अंतर्गत सब इंस्पेक्टर के मानद पद पर पटना में कार्यरत है। सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने स्वयं ट्वीट कर इस उपलब्धि के लिए बिहार के विजेता धावक समेत उनकी टीम के अन्य भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी है। इस स्पर्धा के चार सदस्यीय विजेता दल में सेतु मिश्रा अकेले बिहार के खिलाड़ी हैं। अन्य तीनों खिलाड़ी आस्तिक प्रधान, सैंड्रामोल शाबू एवं श्रावणी सचिन सांगले भारत के दक्षिणी राज्यों के खिलाड़ी हैं। इस स्पर्धा में जीत के बाद एथलेटिक्स विशेषज्ञों ने बताया कि सेतु ने ही आखिरी समय में रेस का रुख भारतीय टीम की ओर मोड़ा। उसने एंकर लेग की जिम्मेदारी संभाली और जबरदस्त टाइमिंग के साथ बैटन को आगे बढ़ाया। एक समय चौथे स्थान पर चल रही भारतीय चौकड़ी ने इस रोमांचक स्पर्धा में 3:18:64 सेकण्ड का समय निकालकर चीन और फिलीपिंस जैसी मजबूत टीम को पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल झटक लिया。
बचपन से ही एथलेटिक्स की ओर झुकाव:-
सीआरपीएफ जवान स्व. डी.के. मिश्रा के द्वितीय पुत्र सेतु का एथलेटिक्स की ओर झुकाव बचपन से ही था। माता संध्या मिश्रा सीआरपीएफ (झपहां कैंप मुजफ्फरपुर) में एसआई हैं। उन्होंने बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए शुक्रवार को बताया कि लखनऊ में मेरी पोस्टिंग के समय कैंप में कई खिलाड़ी एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं की तैयारी करते थे। उन्हीं से सेतु प्रेरित हुआ। वैसे स्कूल की खेल गतिविधियों में भी वह हमेशा शामिल होता था।
सेतु की शिक्षा
2005 में जन्मे सेतु की शिक्षा दीक्षा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पूरी हुई। उसने लखनऊ के मणिपाल पब्लिक स्कूल से 10वीं, केंद्रीय विद्यालय से 12वीं और लखनऊ विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई पूरी की है। आगे भी सेतु ने कई बड़ी प्रतियोगिताओं को लक्षित कर रखा है। सेतु दो भाई व एक बहन में सबसे छोटा है। उसकी बहन प्रिया मिश्रा सीए है। बड़ा भाई शिबू प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं।
सामुदायिक समर्थन
स्वर्ण पदक से तिरंगे को किया गौरवान्वित स्वर्ण पदक विजेता सेतु को बधाई देने की होड़ मची रही। पश्चिम चम्पारण के सांसद डॉ संजय जायसवाल एवं विधान पार्षद इंजीनियर सौरभ कुमार ने विजेता टीम की तस्वीर के साथ ट्वीट कर लिखा कि चम्पारण के लाल सेतु मिश्रा ने गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगे को गौरवान्वित किया है। वहीं महना स्थित घर पर पहुंचे चनपटिया के पूर्व विधायक उमाकांत सिंह, एमएलसी प्रतिनिधि विनय राय, ग्रामीण सुधीर पाण्डेय, नागा मिश्रा, अजय मिश्रा आदि ने सेतु के परिजनों से मिलकर खुशियां साझा की। सेतु के चाचा उपेन्द्र मिश्रा ने बताया कि भतीजे की उपलब्धि से पूरा गांव गर्वित है। सब ने मिठाईयां बांट एक दूसरे को बधाई दी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
✦सेतु मिश्रा ने किस खेल में स्वर्ण पदक जीता है?−
सेतु मिश्रा ने एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 4×400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है।
✦सेतु मिश्रा का गांव कहाँ है?+
✦सेतु की शिक्षा कहाँ हुई है?+