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China Helium Export Ban : चीन ने ईरान और अमेरिका के बीच दोबारा युद्ध शुरू होने के बाद हीलियम के निर्यात पर रोक लगा दी है.इससे भारत पर क्या असर पड़ेगा और चीन अपनी जरूरत का कितना हीलियम निर्यात करता है. साथ ही हीलियम की कीमतें बढ़ने से किन सेवाओं पर असर पड़ता है.
चीन ने हीलियम के निर्यात पर रोक लगा दी है.
नई दिल्ली. अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा तनाव बढ़ने और हमले शुरू होने के बाद ताजा समीकरण को देखते हुए चीन ने हीलियम के निर्यात पर रोक लगा दी है.अब सवाल यह उठता है कि आखिर चीन के हीलियम निर्यात पर रोक लगाने से दुनिया पर क्या असर पड़ेगा. खासकर भारत पर इस कदम का क्या असर पड़ सकता है. साथ ही यह भी जानना जरूरी है कि हीलियम का इस्तेमाल किन चीजों में होता है और भारत अपनी जरूरत का हीलियम कहां से आयात करता है.
सबसे पहले बात करते हैं चीन की. चीन ने सेमीकंडक्टर निर्माण में उपयोग होने वाली प्रमुख गैस हीलियम के निर्यात पर अस्थायी रोक लगा दी. उसने यह कदम ईरान युद्ध के चलते वैश्विक आपूर्ति पहले से ही बाधित होने के बीच उठाया गया है. चीन के वाणिज्य मंत्रालय और सीमा शुल्क एजेंसी ने बताया कि विदेशी व्यापार कानून के प्रावधानों के तहत हीलियम के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से अस्थायी रोक लगाई जा रही है. हालांकि, चीन सरकार की तरफ से इस अस्थायी रोक के पीछे के कारण विस्तार से नहीं बताए गए.
कहां इस्तेमाल होती है हीलियम गैस
हीलियम सेमीकंडक्टर चिप के विनिर्माण के अलावा चिकित्सा क्षेत्र में भी एमआरआई मशीनों को ठंडा रखने में इस्तेमाल होती है. फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक हीलियम आपूर्ति प्रभावित हुई है और इसकी कीमतों में तेज वृद्धि देखी गई है. विशेषज्ञों ने कहा कि चीन अपनी घरेलू उद्योगों की जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए यह कदम उठा रहा है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर हीलियम की उपलब्धता काफी सीमित हो गई है. इसके दाम बढ़ने से एमआरआई कराना महंगा हो सकता है, जबकि सेमीकंडक्टर के उत्पादन की लागत भी बढ़ सकती है. हालांकि, चीन के हीलियम का बड़ा निर्यातक नहीं होने से इस कदम का वैश्विक बाजार पर प्रभाव सीमित ही रहने का अनुमान है. चीन अपनी हीलियम जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और कतर जैसे देशों पर काफी हद तक निर्भर है.
भारत कहां से मंगाता है हीलियम
भारत अपनी हीलियम जरूरत का 100 फीसदी हिस्सा आयात करता है. उसके कुल आयात का 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा अकेले कतर से मंगाता है, जबकि रूस और अमेरिका से भी बड़ी मात्रा में आयात किया जाता है. जहां तक चीन का सवाल है तो भारत वहां से कोई आयात नहीं करता है, क्योंकि चीन खुद अपनी जरूरत का 80 फीसदी से ज्यादा हीलियम आयात के जिरये ही पूरा करता है. चीन में दुनिया का महज 1.6 फीसदी हीलियम पैदा होता है और भारत इसमें से कुछ भी आयात नहीं करता है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें