‘छोड़िए बच्चे कई बार..यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी’: सुप्रीम कोर्ट में गाली देने वाले वकील पर बोले CJI सूर्यकांत – cji surya kant on abusive language our duty to uphold dignity constitutional institutions


सुप्रीम कोर्ट में हुई अभद्रता पर सीजेआई सूर्यकांत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि देश की संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा का सम्मान करना सबकी जिम्मेदारी है।

CJI Surya Kant on abusive language
सुप्रीम कोर्ट में अभद्रता करने वाले पर सीजेआई सूर्यकांत की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के अंदर एक बेंच में खुद याचिकाकर्ता बनकर पेश हुए व्यक्ति की अमर्यादित हरकत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बच्चे कई बार गलतियां कर देते हैं। लेकिन, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा की रक्षा करना सबकी जिम्मेदारी है।

‘बच्चे कई बार ऐसा कर देते हैं’

पिछले शुक्रवार (10 जुलाई, 2026) को सुप्रीम कोर्ट में एक शख्स ने बेंच में अपनी याचिका पेश करते हुए बहुत ही बड़ी अभद्रता की थी। उस शख्स ने सीजेआई सूर्यकांत को लेकर भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। जब सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान सीजेआई से इसपर मीडिया ने प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा करना हम सबका उत्तरदायित्व है।

अरे छोड़िए..बच्चे कई बार ऐसा कर देते हैं।

सीजेआई सूर्यकांत

‘संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा सामूहिक जिम्मेदारी’

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘…लेकिन मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि हमें संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा और मान-सम्मान बनाए रखना चाहिए…यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है, सबको इसे निभाना है।’

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभद्रता

  • सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस केवी विश्वनाथम और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच में लखनऊ के प्रबल प्रताप नाम के एक याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई हो रही थी।
  • याचिकाकर्ता खुद ही अपनी केस की पैरवी कर रहा था।
  • उसने पहले तो बेंच को ‘मिस्टर जुडिशल सर्वेंट’ कहकर संबोधित किया और फिर कहा कि ‘मैं आपको आदेश देता हूं…।’
  • इतना कहकर वह अपनी सीट से उठा और बेंच की ओर कागज फेंकना शुरू कर दिया।
  • इसी दौरान जब सुप्रीम कोर्ट की सिक्योरिटी ने उसे रोकते हुए बाहर करने की कोशिश की तो उसने देश के सीजेआई के लिए गालियों तक का इस्तेमाल करने लगा।

साइबर क्राइम सिंडिकेट का मामला लेकर आया

  • हालांकि, बेंच ने उसके खिलाफ किसी तरह की अवमानना की कार्यवाही यह कहकर शुरू नहीं की, क्योंकि वह परेशान नजर आ रहा था।
  • अदालत ने उसके प्रति सहानुभूति दिखाने का फैसला किया।
  • हालांकि अदालत ने उसकी याचिका को तथ्यों के आधार पर खारिज कर दिया।
  • आरोपी डुप्लेक्स टेक्नोलॉजी नाम की एक कथित कंपनी पर देश में साइबर क्राइम सिंडिकेट चलाने का आरोप लगा रहा था।
  • इसी कड़ी में वह लखनऊ के विकासनगर के एसीपी और संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर की मांग कर रहा था।
अंजन कुमार

लेखक के बारे मेंअंजन कुमारअंजन कुमार, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट एडिटर हैं और पिछले 24 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। अंजन अप्रैल 2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े और बीते 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में राजनीति,चुनाव, जुडिशरी, डिफेंस, विदेश,करेंट अफेयर्स और बिजनेस जैसे विषयों पर लिख रहे हैं। डिजिटल मीडिया से जुड़ने के शुरुआती वर्षों में ये देश की एक टॉप लीडरशिप के आधिकारिक और राजनीतिक भाषणों और उनके पुस्तकों के संपादन कार्यों में भी योगदान दे चुके हैं। इन्होंने करियर का आरंभ टेलीविजन पत्रकारिता से किया और 14 वर्षों तक विभिन्न टीवी न्यूज चैनलों में सेवाएं दीं। इस कार्यकाल में इन्होंने सहारा समय नेशनल न्यूज चैनल पर 2006 में कन्या भ्रूण हत्या पर किए गए एक ऐतिहासिक स्टिंग ऑपरेशन पर बने’कोख में कत्ल’ प्रोग्राम सीरीज को प्रोड्यूस किया, जो उन दिनों भारतीय संसद में भी छाया रहा। यहीं पर इन्होंने अगले ही साल पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों पर न्यूज सीरीज बनाए, जिसकी देश की मीडिया में काफी चर्चा हुई। आगे के वर्षों में इसी चैनल पर ‘मुर्दा, मवेशी, माफिया’ प्रोग्राम सीरिज को भी पेश किया, जो दिल्ली-एनसीआर में मरे हुए मवेशियों का मांस बेचने वाली माफिया के खतरनाक स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित था। ये 2002 के गुजरात विधानसभा चुनाव और 2004 के आम चुनावों से लेकर 2024 के आम चुनावों और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव तक को टीवी और डिजिटल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए कवर कर चुके हैं।और पढ़ें