जम्मू-कश्मीर में खेल क्रांति, 650 करोड़ की लागत से 570 परियोजनाएं होंगी विकसित; युवाओं का संवरेगा भविष्य


जागरण संवाददाता, जम्मू। केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में खेलों के विकास को नई दिशा देते हुए युवा, सेवा एवं खेल विभाग चालू वित्तीय वर्ष में 570 से अधिक खेल और युवा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है।

इन परियोजनाओं में 650 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है, जो विभाग के सबसे बड़े विकास कार्यक्रमों में से एक है। यह विस्तार न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि युवाओं के सपनों को नई उड़ान भी देगा।

इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा युवा, सेवा एवं खेल विभाग के आयुक्त सचिव डा. शाहिद इकबाल चौधरी ने पहली तिमाही बैठक में की। समीक्षा के दौरान बताया गया कि 315 परियोजनाएं युवा, सेवा एवं खेल निदेशालय द्वारा संचालित की जा रही हैं, जिनमें 167 चल रही, 140 नई और 8 गैर निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं।

सनासर में खुलेगा माउंटेनियरिंग एवं स्कीइंग सेंटर का निर्माण

सनासर में माउंटेनियरिंग एवं स्कीइंग सेंटर, ब\र्डर स्पोर्ट्स एकेडमी और मल्टीपर्पज इंडोर हाल का निर्माण किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर खेल परिषद द्वारा 263 परियोजनाएं लागू की जा रही हैं।

इन परियोजनाओं में जम्मू के नगरोटा में खेल गांव का विकास, लान टेनिस एकेडमी, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग सेंटर, यूथ हास्टल, राजौरी, रामबन, सांबा, श्रीनगर, अनंतनाग, कुलगाम, पुंछ और जम्मू में खेल भवन और आवासीय सुविधाएं शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर खेल परिषद द्वारा कई आधुनिक परियोजनाएं भी विकसित की जा रही हैं।

इनमें फुटबाल और हाकी के सिंथेटिक टर्फ मैदान, श्रीनगर के राजबाग में ओलिंपिक स्तर के स्विमिंग पूल, खौड़, मेंढर और तुलीबल में एथलेटिक्स ट्रैक, बड़गाम, बिश्नाह और भलवाल में स्टेडियम और स्पोर्ट्स काम्पलेक्स शामिल हैं।

इस वर्ष 108 खेल मैदानों का विकास 39 करोड़ की लागत से किया जा रहा है, साथ ही 118 अतिरिक्त परियोजनाएं जैसे इंडोर स्टेडियम, वालीबाल, बैडमिंटन और क्रिकेट सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

खेल परिसरों की जियो-टैगिंग कर डिजिटल डाटाबेस बनाने के निर्देश

डॉ. शाहिद चौधरी ने निर्देश दिए कि सभी खेल परिसरों का जियो-टैगिंग कर डिजिटल डाटाबेस बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह निवेश सिर्फ ढांचा निर्माण नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य में निवेश है। इसका उद्देश्य हर क्षेत्र में खेल सुविधाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि खेलो इंडिया मिशन और नई नीतियों के तहत यह पहल जम्मू-कश्मीर को एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।



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