What is JPSC and JSSC: झारखंड में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच जेपीएससी और जेएससी नाम खूब सुनने को मिल रहे हैं। दोनों नाम मिलते-जुलते हैं लेकिन यह एक-दूसरे से बहुत अलग हैं। इनका काम भी अलग-अलग है। आइए जानते हैं कि यह बड़ी चर्चा का विषय क्यों बन गया है।

झारखंड में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए इन दोनों भर्ती संस्थाओं के बीच का अंतर समझना जरूरी है। इसलिए यहां विस्तार से जानते हैं कि JPSC और JSSC कैसे अलग हैं, इनकी भूमिकाएं और विरोध-प्रदर्शनों के दौरान ये चर्चा का मुख्य विषय क्यों बन गए हैं।
जेपीएससी और JSSC का फुल-फाॅर्म क्या है?
JPSC का फुल-फॅर्म झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन है, जबकि JSSC का पूरा नाम झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन है। ये दोनों झारखंड में सरकारी भर्ती करने वाली संस्थाएं हैं लेकिन ये अलग-अलग भर्ती परीक्षाएं आयोजित करती हैं।
जोपीएससी और जेएससी के बीच अंतर जानने से उम्मीदवारों को सही परीक्षाओं के लिए आवेदन करने और सरकारी नौकरियों की तैयारी के दौरान भ्रम से बचने में मदद मिलती है। पदों की जानकारी के आधार पर, हर भर्ती संस्था अपनी नोटिफिकेशन प्रक्रिया, योग्यता की शर्तें, परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया निर्धारित करती है।
JPSC और JSSC में अंतर क्या है?
| झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) | झारखंड स्टाॅफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) |
| संवैधानिक भर्ती आयोग | राज्य कर्मचारी चयन आयोग |
| उच्च-स्तरीय सरकारी सेवाओं के लिए अधिकारियों की भर्ती करता है। | अलग-अलग ग्रुप C और उसके समकक्ष सरकारी पदों के लिए कर्मचारियों की भर्ती करता है। |
| सिविल सेवा, असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिकल ऑफिसर और अन्य उच्च प्रशासनिक पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाओं कराता है। | ग्रेजुएट लेवल, इंटरमीडिएट लेवल, एक्साइज कॉन्स्टेबल, पुलिस, क्लर्क, लेबोरेटरी असिस्टेंट और अन्य स्टाफ भर्ती परीक्षाएं कराता है। |
| इसके सेलेक्शन प्रोसेस में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार (पद के आधार पर) शामिल है। | इसके सेलेक्शन प्रोसेस में लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट/शारीरिक परीक्षा आदि शामिल होता है। |
| उच्च प्रशासनिक सेवाओं पर फोकस करता है। | विभागीय कर्मचारियों की नियुक्ति पर फोकस करता है। |
JPSC और JSSC को लेकर स्टूडेंट्स का विरोध-प्रदर्शन, हो रही चर्चा
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में सुधारों को लेकर स्टूडेंट्स के विरोध-प्रदर्शन ने राज्य की भर्ती प्रणाली पर चर्चा को तेज कर दिया है। उम्मीदवारों ने परीक्षा के शेड्यूल, भर्ती की प्रक्रियाओं, देरी, पारदर्शिता और भर्ती एजेंसियों के कामकाज को लेकर चिंताएं रखी हैं। जैसे-जैसे ये मुद्दे लोगों के ध्यान में आए तो JPSC और JSSC के नाम भी सोशल मीडिया पर और लोगों के बीच होने वाली चर्चाओं में सामने आए हैं।
हालांकि, ये दोनों संस्थाएं झारखंड में सरकारी विभागों के लिए कर्मचारियों की भर्ती की जिम्मेदारी निभाती हैं लेकिन वे एक ही तरह की परीक्षाएं आयोजित नहीं करतीं और न ही एक ही कैटेगरी के पदों को भरती हैं। राज्य के भर्ती स्ट्रक्चर के तहत उनकी अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
