खगड़िया, नगर संवाददाता। जिले में टी.बी. मुक्त भारत अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए दो मोबाइल हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे वाहनों को डीएम विक्रम विरकर ने कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीएम ने स्वयं अपना एक्स-रे कराकर आमजन को यह संदेश दिया कि टी.बी. की समय पर स्क्रीनिंग एवं जांच ही इस बीमारी से बचाव और उपचार का सबसे प्रभावी माध्यम है। डीएम ने कहा कि राज्य स्तर पर खगड़िया जिले के 75 गांवों को उच्च जोखिम श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इन गांवों में मोबाइल हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे के माध्यम से घर के निकट ही जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि 04 जुलाई से 16 जुलाई तक जिले में टी.बी. स्क्रीनिंग अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। इस अवधि में जिले के सभी सात प्रखंडों के 2,333 गांवों एवं स्थलों पर विशेष स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 3 लाख 8 हजार 228 व्यक्तियों की टी.बी. स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 3 लाख 3 हजार 101 व्यक्तियों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण किया गया। स्क्रीनिंग के दौरान 3,437 संदिग्ध टी.बी. मरीजों की पहचान की गई तथा जांच के लिए 1,398 बलगम (स्पुटम) नमूने संग्रहित किए गए। अभियान के तहत अब तक 12 हजार 496 एक्स-रे किए जा चुके हैं। वहीं, निक्षय मित्रों के सहयोग से 220 टी.बी. मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराकर उनके पोषण एवं उपचार में सहयोग सुनिश्चित किया गया है। अगले सात दिनों के दौरान अलौली प्रखंड के मेघौना, छिलकौड़ी, हथवन, रामपुर, हरिपुर एवं अम्बा इचरूआ तथा सदर प्रखंड के भदास, बेला सिमरी, गौड़ाशक्ति, लाभगांव, कोठिया, ओलापुर गंगौर एवं रानीसकरपुरा गांवों में मोबाइल एक्स-रे वाहन पहुंचकर स्क्रीनिंग करेंगे। इन शिविरों की सूचना संबंधित गांवों की आशा कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्व से ही स्थानीय लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ. रामेन्द्र कुमार, डीईओ, एसडीओ, जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, डीसीएम, डीईओ, डीपीसी, एसटीएलएस सहित समाहरणालय एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।