डॉक्टर बनने का टूटा सपना तो शुभांगी ने चुनी दूसरी राह, पहले कॉन्स्टेबल बनी फिर एक साथ क्रैक की चार सरकारी नौकरी – doctor dream shattered shubhangi choose different path she first became constable and crack four government jobs


Umaria Subhangi Mishra News: उमरिया की शुभांगी मिश्रा ने अपने क्षेत्र में लोगों के लिए मिसाल बनी हैं। शुभांगी नीट परीक्षा में असफल हुईं तो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। पहले कॉन्स्टेबल की नौकरी मिली। अब उसे चार अन्य सरकारी नौकरियों में सफलता मिली है।

हाइलाइट्स

  • उमरिया की शुभांगी मिश्रा ने एक साथ पास की चार नौकरियों की परीक्षा
  • नीट में असफल होने के बाद बनी थी कॉन्स्टेबल
  • शुभांगी मिश्रा के पास है अब पांच सरकारी नौकरियां
  • शुभांगी के पिता हैं एमपी पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल
Umaria Subhangi Mishra Success Story
माता-पिता के साथ शुभांगी मिश्रा
उमरिया: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले की शुभांगी मिश्रा लोगों के लिए मिसाल बनकर उभरी है। नीट की तैयारी कर रही शुभांगी मिश्रा का डॉक्टर बनने के सपना टूटा तो उसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू करी। सबसे पहली बार में वह कॉन्स्टेबल बनी। कॉन्स्टेबल की ट्रेनिंग लेने के दौरान शुभांग ने चार और सरकारी नौकरियों की परीक्षा पास कर ली है।

शुभांगी के पिता हैं हेड कॉन्स्टेबल

शुभांगी के पिता श्याम कुमार मिश्रा आईजी जोन शहडोल जोन कार्यालय में हेड कॉन्स्टेबल हैं, जबकि उनकी माता सुनीता मिश्रा गृहिणी हैं। उन्होंनेशहडोल के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दो वर्षों तक नीट परीक्षा की तैयारी की। पहले प्रयास में उन्हें करीब 400 अंक मिले, जबकि दूसरे प्रयास में 570 अंक हासिल किए। अच्छे अंक आने के बावजूद उन्हें एमबीबीएस में प्रवेश नहीं मिल सका।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की

इस असफलता के बाद उन्होंने अपना लक्ष्य बदलते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। प्रतिदिन 8 से 10 घंटे अध्ययन और लगातार मेहनत का परिणाम यह रहा कि सबसे पहले उनका चयन मध्यप्रदेश पुलिस कांस्टेबल के पद पर हुआ।

ट्रेनिंग के दौरान इन नौकरियों में मिली सफलता

वहीं, जब वेजबलपुर में प्रशिक्षण ले रही थीं, उसी दौरान उनका चयन एसएससी स्टेनोग्राफर, मध्यप्रदेश पुलिस उप निरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक (स्टेनो) और उप निरीक्षक (सूबेदार) सहित कई पदों पर भी हो गया।

असफलता जीवन का अंत नहीं

शुभांगी का कहना है कि असफलता जीवन का अंत नहीं होती। यदि किसी लक्ष्य में सफलता नहीं मिलती तो नए अवसरों की ओर बढ़ना चाहिए। उनका सपना अब सिविल सेवा में चयनित होकर देश की सेवा करना है, जिसके लिए वे आज भी नियमित रूप से 8 से 10 घंटे पढ़ाई कर रही हैं।

माता-पिता को दिया श्रेय

माता-पिता को अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और परिवार के सहयोग को देती हैं। उनके पिता श्याम कुमार मिश्रा बताते हैं कि शुभांगी शुरू से ही अनुशासित रही हैं और उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखा।

ग्रामीण परिवेश में पली बढ़ीं शिवांगी

ग्रामीण परिवेश से निकलकर शुभांगी मिश्रा ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर हर मुश्किल को सफलता में बदला जा सकता है। उनकी उपलब्धि आज उमरिया जिले की बेटियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

मुनेश्वर कुमार

लेखक के बारे मेंमुनेश्वर कुमारमुनेश्वर कुमार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर (प्रमुख संवाददाता) हैं । वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को कवर करते हैं। इसके अलावे दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर कर देते हैं। पत्रकारिता की शुरुआत टीवी रिपोर्टिंग से हुई है। बीते 10 सालों से डिजिटल मीडिया में हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। चार साल तक टीवी में रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत हूं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हूं। डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी करता हूं। मध्य प्रदेश में दो लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव और नगर निकाय चुनाव को कवर किया। साथ ही कई बड़े इवेंट में ग्राउंड जीरो पर मौजूदगी रही है। टीवी और डिजिटल के बिहार में विधानसभा चुनाव को ग्राउंड से कवर किया हूं।

इसके साथ ही बिहार, राजस्थान, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में रहकर टीवी और डिजिटल पत्रकारिता के अलग-अलग गुर सीखे है। एमपी में रहते हुए सीएम मोहन यादव से लेकर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान तक का इंटरव्यू किया हूं। इसके साथ ही एमपी के बड़े मंत्रियों, सेलिब्रिटी और अधिकारियों के इंटरव्यू किए हैं। इसके साथ ही अन्य राज्यों में भी इंटरव्यू किए। अन्ना आंदोलन के दौरान अन्ना हजारे का इंटरव्यू किया। मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिरने के पूरे प्रकरण को ग्राउंड जीरो से कवर किया।

विशेषता: पॉलिटिक्ल और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। इसकी शुरुआत महुआ न्यूज टीवी चैनल से हुई थी। फिर अलग-अलग टीवी चैनलों में काम करते हुए। ईनाडु इंडिया में पहुंचे जो अब ईटीवी भारत है। वहां लंबे समय तक रहने के बाद राजस्थान पत्रिका भोपाल में पहुंचे। पत्रिका में एक करीब एक साल तक रहने के बाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत हूं।… और पढ़ें