उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (Photo-ETV Bharat)
देहरादून: प्रदेश में ऐसे राज्य आंदोलनकारियों को बड़ी राहत मिली है, जिनका तीन अलग-अलग पदों पर सरकारी नौकरियों के लिए चयन तो किया गया लेकिन अंतिम संस्तुति ना मिलने के कारण उनकी नौकरी लटक गई. हालांकि अब ऐसे अभ्यर्थियों को राहत दी गई है और इनका चयन परिणाम जारी भी कर दिया गया है. अब ऐसे 58 अभ्यर्थियों को आयोग ने राहत देते हुए चयन परिणाम जारी कर दिया है.
मामला कनिष्ठ सहायक, पुलिस कांस्टेबल और आशुलिपिक के पद से जुड़ा हुआ है. जिस पर कुल 58 अभ्यर्थियों का चयन तो किया गया लेकिन प्रमाण पत्र से जुड़ी औपचारिकता पूरी न होने के कारण इनके अंतिम चयन परिणाम को जारी नहीं किया जा सका. ऐसे में यह अभ्यर्थी काफी समय से इसके लिए राहत की मांग कर रहे थे, जिस पर गंभीरता दिखाते हुए राज्य सरकार ने इन्हें राहत दी और अब उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने भी इनका चयन परिणाम जारी कर दिया है.
इसमें 44 अभ्यर्थी कनिष्ठ सहायक, 2 आशुलिपिक और 12 पुलिस कांस्टेबल पद के लिए चयनित किए गए थे, लेकिन चयन के बाद प्रमाण पत्रों को प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण इन अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी नहीं हो पाया था. ऐसे में संशय इस बात को लेकर भी था कि क्या उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इन अभ्यर्थियों को दोबारा चयन के लिए प्रमाण पत्र को प्रस्तुत करने का अवसर देगा या नहीं. इसमें बताया यह गया कि जिन अभिव्यक्तियों के चयन किए गए थे वह अपने प्रमाण पत्र को प्रस्तुत इसलिए भी नहीं कर पाए क्योंकि उनके प्रमाण पत्र बनाए जाने संबंधी प्रक्रिया गतिमान थी और समय से दस्तावेज नहीं बन पाने के कारण इनका चयन नहीं हो पाया था.
इसी को देखते हुए इस मामले में सरकार ने अभ्यर्थियों की मांगों को देखते हुए इस पर निर्णय लिया. राज्य आंदोलनकारी के लिए आरक्षित इन सीटों पर ऐसे अभ्यर्थियों को एक बार फिर मौका देने के लिए कैबिनेट में निर्णय लिया गया. इसके बाद उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इस पर दोबारा से विचार किया.
खास बात यह है कि इसके बाद अब आयोग ने इनका रिजल्ट जारी कर दिया है और अलग-अलग इन तीन पदों के लिए विभागों को 58 नए अभ्यर्थी मिल गए हैं. इसमें पुलिस विभाग को पुलिस कांस्टेबल मिलने के साथ ही सबसे ज्यादा कनिष्ठ सहायक के रूप में अलग-अलग विभागों को कर्मचारी मिले हैं.
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