‘दिव्यांग छात्रों पर लात-घूसे चलाते हैं’, सरकारी संस्थान में दृष्टिबाधित स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट, भूख हड़ताल की तैयारी – visually impaired students protest at dehradun of national institute for the empowerment of persons with visual disabilities


Visually impaired students protest: देहरादून में सरकारी संस्थान के दिव्यांग छात्र पिछले 8 दिनों से मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दृष्टिबाधित छात्रों का कहना है कि अगर अब भी उनकी मांगें नहीं सुनी गईं, तो वे भूख हड़ताल करेंगे।

Visually impaired students protest
राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून में दृष्टिबाधित छात्रों का प्रदर्शन (फोटो सोर्स- X और AI इनहेंस्ड)
देशभर में अलग-अलग वजहों से छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। नीट पेपर लीक के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद अब रांची में हजारों युवा सड़कों पर हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लगभग एक महीना होने वाला है। छात्रों के इन दोनों प्रोटेस्ट ने देश-दुनिया का ध्यान खींचा है। लेकिन देहरादून में दिव्यांग छात्र भी कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।

दरअसल, राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून में दृष्टिबाधित छात्र-छात्राएं बीते 8 दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। अच्छी शिक्षा, शिक्षक और किताबों जैसे मूलभूत सुविधाओं को लेकर पढ़ाई छोड़कर सिस्टम के खिलाफ नारे लगाने को मजबूर हैं।

भूख हड़ताल पर जा सकते हैं दिव्यांग छात्र

एक लोकर रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान में दृष्टिबाधित छात्र सस्ती किताबों की मांग कर रहे हैं। 12वीं के बाद सरकार से मिलने वाली स्कॉलरशिप भी बंद कर दी गई है, जिससे काफी मदद मिलती थी। उसे फिर से शुरू किया जाना चाहिए। छात्रों का कहना है कि अगर समय रहते है उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्हें मजूबरन भूख हड़ताल पर बैठना पड़ेगा।

दिव्यांग छात्रों की 6 मांगे

सरकारी संस्थान के दिव्यांग छात्रों की 6 मुख्य मांगें इस प्रकार हैं, जिन्हें लेकर कई दिनों से प्रोटेस्ट चल रहा है-

  • किताबें सस्ती होनी चाहिए।
  • बच्चों की दिव्यांगता के आधार पर उन्हें पढ़ाने या देखभाल करने वाला स्टाफ अलग होना चाहिए।
  • 12वीं के बाद मिलने वाली स्कॉलरशिप बंद हो गई है, उसे दोबारा शुरू की जाए।
  • कुछ विषयों के लिए प्रॉपर मैनेजमेंट हो।
  • स्किल्स सब्जेक्ट पढ़ाने के लिए जरूरत के हिसाब से टीचर्स नहीं हैं। स्टूडेंट्स को स्किल्स के हिसाब से टीचर्स मिलने चाहिए।
  • स्किल सब्जेक्ट्स हैं लेकिन बहुत सीमित हैं, विस्तार होना चाहिए।

‘दिव्यांग छात्रों पर चलाते हैं लात-घूसे’

प्रदर्शन में शामिल एक दिव्यांग छात्रा ने कहा कि इस बार मल्टी डिसेबल बच्चों को एडमिशन दिया गया है। उनकी केयर करने के लिए अलग से कोई यूनिट नहीं है। देखभाल करने वाला कोई नहीं। उन्हें हैंडल नहीं कर पा रहे हैं।’ वहीं एक दूसरी दिव्यांग छात्रा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ‘उन बच्चों के लिए अलग टीचर होता है, गाइड करने वाले अगल होते हैं लेकिन जो यहां आए हैं वो बच्चो को चोट पहुंचा रहा है। बच्चों के साथ मारपीट तक हो रही है। लात-घूसे मारे जाते हैं। यहां अलग डिसेबिलिटी वाले बच्चे बहुत परेशान हैं।’

छात्रा ने बताया कि बच्चों के दिव्यांगता के हिसाब से अलग यूनिट की डिमांड की है ताकि बच्चों को जरूरत के हिसाब से सुविधा मिल सके। एक अन्य छात्रा ने बताया कि काफी पहले से सुविधाओं की मांग कर रहे थे। लिखित में भी रिक्वेस्ट की हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है। हालांकि, प्रदर्शन के बाद कुछ चीजें ठीक हुई हैं, लेकिन अब भी बहुत सारी चीजों में सुधार की जरूरत है।

बता दें कि देहरादून के राजपुर रोड पर स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान भारत सरकार के सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय के अधीन काम करने वाला एक प्रमुख नेशनल इंस्टीट्यूट है। भारत सकार के दिव्यांग व्यक्ति अधिकार अधिनियम (RPwD Act) के तहत इन छात्रों को शिक्षा, थेरेपी, और सरकारी योजनाओं के विशेष आरक्षण और वित्तीय सहायता का अधिकार है।

अमन कुमार

लेखक के बारे मेंअमन कुमारअमन कुमार, डिजिटल में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में नवभारतटाइम्स.कॉम में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रॉड्यूसर पद पर हैं। शिक्षा और रोजगार जगत की खबरों के अनुभवी लेखक अमन को न्यूज वर्ल्ड में करीब 10 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है। वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। साल 2015 में साधना न्यूज चैनल से अपने करियर की शुरुआत करते हुए टीवी चैनल आउटपुट डेस्क और ‘मानव को शांति कहां’ मासिक पत्रिका से लेखन शैली को समझा। इसके बाद लाइव न्यूज हिंदी (लाइव इंडिया), जनसत्ता.कॉम, आजतक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रहकर ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे। कई साल के अनुभव से अमन पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं। अमन रिपोर्ट्स बेस्ड, सटीक और विश्वसनीय जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं। उनकी प्राथमिकता यूजर्स तक सही जानकारी को सरल शब्दों में समझाना रही है।

अमन, शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों जैसे स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षा, प्रवेश परीक्षा, सरकारी नौकरी, सरकारी रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स एंड ऑप्शंस, करेंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज, सक्सेस स्टोरीज समेत कई टॉपिक्स पर गहरी सोच और समझ के साथ व्यापक कवरेज करते हैं। टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स, करियर काउंसलर की सलाह और टिप्स के जरिए स्कूल की खबरों से लेकर IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT, CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर काम करते हैं। इसके अलावा एसससी, यूपीएससी, बैंक, पुलिस समेत भारत और राज्य स्तर की सरकारी नौकरियों के बारे में विस्तार और गहराई से लिखते हैं।

गवर्नमेंट जॉब, प्राइवेट जॉब, स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक की फील्ड में काम करते हुए अमन ने भारत के प्रमुख शिक्षा बोर्ड CBSE के एग्जाम कंट्रोलर डॉ. संयम भारद्वाज, दिल्ली यूनिवर्सिटी की डीन ऑफ एडमिशन्स प्रोफेसर हनीत गांधी और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार का खास इंटरव्यू कर स्टूडेंट्स के लिए क्वालिटी कंटेंट वाले ऑथेंटिक आर्टिकल्स लिखे हैं। इसके अलावा ABVP और NSUI जैसे छात्र संगठनों के प्रवक्ताओं का इंटरव्यू लिया है। सीबीएसई, रीट, नीट, यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉपर्स से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करते रहे हैं। ताकि उनके टिप्स और सलाह से बाकी युवाओं के करियर को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।

दिल्ली में जन्मे अमन कुमार की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में B.A. ऑनर्स की डिग्री हासिल की। फिर डीयू के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उसके बाद गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। ये डिग्रियां अमन को हिंदी पत्रकारिता की वो एक्सपर्टीज देती हैं जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल (5 Ws+1H) यानी क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के पैमानों के आधार पर न्यूज राइटिंग के लिए जरूरी हैं… और पढ़ें