दुनिया का वो इकलौता क्रिकेटर, जिसने अंपायर को बनाया अपना ‘हेयर ड्रेसर’, लाइव मैच में कटवाए बाल


नई दिल्ली. क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसी कहानियां दर्ज हैं जो खेल की गंभीरता के बीच फैंस के चेहरों पर मुस्कान बिखेर देती हैं. ऐसी ही एक बेहद दिलचस्प और अनोखी घटना भारतीय क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में शुमार सुनील गावस्कर से जुड़ी है. ‘लिटिल मास्टर’ के नाम से मशहूर गावस्कर मैदान पर अपनी ठोस तकनीक और एकाग्रता के लिए जाने जाते थे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक टेस्ट मैच के दौरान उनकी इसी एकाग्रता के बीच उनके लंबे बाल आ गए थे, जिसके बाद अंपायर को बीच मैदान पर उनके बाल काटने पड़े थे? आइए जानते हैं इस मजेदार और ऐतिहासिक किस्से को, जिसने क्रिकेट जगत में एक नया इतिहास रच दिया था.

सुनील गावस्कर के हेयर कट करने के लिए अंपायर को कुछ समय के लिए मैच को रोकना पड़ा.

यह वाकया साल 1974 का है, जब भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी. मैनचेस्टर का ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान भारत और इंग्लैंड के बीच कड़े मुकाबले का गवाह बन रहा था. उस दौर में सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) अपने स्टाइलिश लुक और थोड़े बड़े बालों के साथ मैदान पर उतरा करते थे. इंग्लैंड की तेज और हवा में लहराती गेंदों का सामना करने के लिए बल्लेबाज का पूरा ध्यान गेंद पर होना बेहद जरूरी था. मैच के दौरान तेज हवाएं चल रही थीं. जब गावस्कर बल्लेबाजी कर रहे थे, तो हवा के झोंकों के कारण उनके लंबे बाल बार-बार उनकी आंखों के सामने आ रहे थे. इसकी वजह से उन्हें गेंद को सही तरीके से देखने और जज करने में काफी परेशानी हो रही थी. एक-एक रन के लिए संघर्ष कर रहे गावस्कर ने महसूस किया कि अगर उन्होंने इसका तुरंत कोई हल नहीं निकाला, तो वे अपना विकेट गंवा सकते हैं.

सुनील गावस्कर के हेयर कट करने के लिए अंपायर को कुछ समय के लिए मैच को रोकना पड़ा.

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जब अंपायर डिकी बर्ड ने थामी कैंची
सुनील गावस्कर ने इस समस्या से निपटने के लिए एक अनोखा रास्ता चुना. उन्होंने क्रीज पर खड़े अंपायर डिकी बर्ड (Dicky Bird) से मदद मांगी, जो क्रिकेट इतिहास के सबसे अंपायरों में से एक माने जाते हैं. गावस्कर ने डिकी बर्ड से कहा कि उनके सामने वाले बाल काफी परेशान कर रहे हैं और वे इन्हें थोड़ा छोटा करना चाहते हैं. अंपायर डिकी बर्ड भी उस समय हैरान रह गए. सौभाग्य से, डिकी बर्ड की जेब में एक छोटी सी कैंची थी, जिसका इस्तेमाल वे आमतौर पर गेंद से निकले धागे या सीम को काटने के लिए किया करते थे. बर्ड ने बिना देर किए वह कैंची निकाली और लाइव मैच के दौरान, बीच मैदान पर ही सुनील गावस्कर के बालों को ट्रिम करना शुरू कर दिया.

इस नजारे को देखकर मैदान पर मौजूद इंग्लैंड के खिलाड़ी और स्टैंड्स में बैठे दर्शक अपनी हंसी नहीं रोक पाए. बाल काटते समय अंपायर डिकी बर्ड मुस्कुराते हुए मन ही मन बुदबुदा रहे थे, ‘पता नहीं आजकल अंपायर को क्या-क्या करना पड़ रहा है.’ डिकी बर्ड के इस अनोखे ‘हेयरकट’ के बाद गावस्कर को राहत मिली और उन्होंने बिना किसी रुकावट के अपनी बल्लेबाजी जारी रखी. यह घटना क्रिकेट इतिहास के सबसे मजाकिया और यादगार पलों में शुमार हो गई.

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ऐतिहासिक डेब्यू में जब वेस्टइंडीज में गूंजा गावस्कर का नाम
सुनील गावस्कर के ऑन-फील्ड किस्से जितने मशहूर हैं, उनका क्रिकेट करियर भी उतना ही बेमिसाल रहा है. इस महान बल्लेबाज ने साल 1971 में वेस्टइंडीज की खतरनाक पिचों पर अपना टेस्ट डेब्यू किया था. पोर्ट ऑफ स्पेन के मैदान पर जब वे पहली बार बल्लेबाजी करने उतरे, तो दुनिया ने एक नए सितारे का उदय देखा. गावस्कर ने अपने डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में शानदार 65 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में भी उन्होंने 67 रनों का बेहद अहम योगदान दिया. इस मैच में भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार वेस्टइंडीज को उसी की धरती पर एक टेस्ट मैच में शिकस्त दी थी.

एक ऐसा रिकॉर्ड जो आज तक नहीं टूटा
1971 की वह ऐतिहासिक सीरीज सिर्फ भारत की जीत के लिए नहीं, बल्कि सुनील गावस्कर के उस अविश्वसनीय रिकॉर्ड के लिए भी याद की जाती है, जिसे आज तक दुनिया का कोई भी बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है. वेस्टइंडीज के खूंखार तेज गेंदबाजों के सामने, बिना हेलमेट के बल्लेबाजी करते हुए गावस्कर ने उस डेब्यू सीरीज में 154.80 की अविश्वसनीय औसत से कुल 774 रन कूट डाले थे.

इस सीरीज के दौरान उनके बल्ले से 4 शानदार शतक और 3 अर्धशतक निकले. क्रिकेट के इतिहास में यह आज तक किसी भी बल्लेबाज द्वारा अपनी डेब्यू टेस्ट सीरीज में बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है. गावस्कर का यह प्रदर्शन सिर्फ रनों का पहाड़ नहीं था, बल्कि इसने भारतीय क्रिकेट को विदेशों में जीतना सिखाया और टीम में एक नया आत्मविश्वास भरा. सुनील गावस्कर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ जो 774 रन बनाए, उसने भारतीय क्रिकेट की तकदीर बदल दी. वे सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की दीवार बन गए थे.’



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