धनबाद: अब स्कूल से 1 ग्राम राशन ले जाने पर भी नौकरी खत्म, हेडमास्टर पर होगी FIR


जागरण संवाददाता, धनबाद। जिले के सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में पीएम पोषण योजना (मध्याह्न भोजन) के तहत मिलने वाले खाद्यान्न की चोरी और दुरुपयोग पर जिला शिक्षा अधीक्षक शालिनी डुंगडुंग ने कड़ा रुख अपनाया है। 

डीएसई के अनुसार विभिन्न माध्यमों से यह गंभीर मामला संज्ञान में आया है कि कुछ विद्यालयों में रसोइया और संयोजिका बच्चों के मध्याह्न भोजन के राशन में से प्रतिदिन एक-एक किलोग्राम या उससे अधिक चावल बचाकर अवैध रूप से अपने घर ले जा रहे हैं। 

तत्काल प्रभाव से नौकरी से होंगे बर्खास्त 

विभाग ने इसे बच्चों के पोषण पर सीधा हमला, सरकारी संपत्ति का गबन और घोर वित्तीय अनियमितता माना है। इस प्रकार की गतिविधियों को रोकने में असफल रहने वाले प्रधानाध्यापकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति की घोर लापरवाही और शिथिलता पर कड़ी नाराजगी जताई गई है। 

डीएसई के निर्देश के अनुसार विद्यालय परिसर से खाद्यान्न (चावल, दाल, तेल आदि) का एक ग्राम भी बाहर ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यदि भविष्य में कोई भी रसोइया, सहायिका या अन्य कर्मी राशन घर ले जाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त (सेवामुक्त) कर दिया जाएगा। 

जिले के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी और बीआरपी-सीआरपी भ्रमण करेंगे। इस दौरान स्कूलों के रसोईघर और राशन स्टाक का औचक निरीक्षण कर खाद्यान्न के भौतिक स्टाक का वजन कराकर पंजी से मिलान अनिवार्य करेंगे।

हेडमास्टर पर होगी प्राथमिकी

विद्यालय में उपलब्ध खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण एवं पारदर्शी उपयोग की पूरी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक की होगी। औचक निरीक्षण के दौरान स्टॉक में कमी पाई जाती है या गबन साबित होता है तो संबंधित हेडमास्टर को ही गबन का दोषी मानते हुए उन पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी और संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। 



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