नौकरी और प्राइज मनी की मांग को लेकर पैरालंपिक मेडलिस्ट खिलाड़ियों का धरना, सरकार पर भेदभाव का आरोप


Protest of Paralympic medalists

एसएमएस स्टेडियम में धरना देते खिलाड़ी (ETV Bharat Jaipur)

जयपुर: जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में सोमवार को राजस्थान के दो दर्जन से अधिक पैरालंपिक मेडलिस्ट खिलाड़ी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए. धरने में पैरालंपिक मेडलिस्ट मोना अग्रवाल सहित पैरा एशियन गेम्स और राष्ट्रीय स्तर के कई पदक विजेता खिलाड़ी शामिल थे. खिलाड़ियों का कहना था कि लंबे समय से सरकार से लगातार मांग करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है. आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के तहत उन्हें सरकारी नौकरी नहीं दी जा रही, जबकि सामान्य वर्ग के कई पदक विजेता खिलाड़ियों को इस सुविधा का लाभ मिल चुका है. खिलाड़ियों का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन करने के बावजूद उन्हें वर्षों से केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं.

पैरालंपिक मेडलिस्ट मोना अग्रवाल ने कहा कि सरकार पैरा खिलाड़ियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य खिलाड़ियों को समय पर नौकरी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, लेकिन पैरा खिलाड़ियों को लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है.

पढ़ें: पहली बार खिलाड़ियों की जनसुनवाई कर रहा क्रीड़ा परिषद, पहले दिन खेलों से जुड़े विवाद आए सामने, हर बुधवार को होगी

उनका कहना था कि यदि दोनों वर्ग के खिलाड़ी देश और प्रदेश के लिए पदक जीतते हैं तो सुविधाओं और सम्मान में भी समानता होनी चाहिए. खिलाड़ियों ने यह भी आरोप लगाया कि आउट ऑफ टर्न नियुक्तियों में न केवल देरी हो रही है, बल्कि मिलने वाले पद और नियुक्ति प्रक्रिया में भी पैरा खिलाड़ियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है. उनका कहना था कि समान उपलब्धियां होने के बावजूद उन्हें अपेक्षाकृत कम महत्व के पद प्रस्तावित किए जाते हैं, जिससे खिलाड़ियों में निराशा बढ़ रही है.

यह भी पढ़ें: राज्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को पंजाब-हरियाणा की तर्ज पर पेंशन की मांग, कृष्णा का सीएस को पत्र

प्राइज मनी का इंतजार: धरने पर बैठे खिलाड़ियों ने यह भी बताया कि कई खिलाड़ियों को अब तक उनकी घोषित प्राइज मनी भी नहीं मिल सकी है. वर्षों बीत जाने के बाद भी पुरस्कार राशि का भुगतान नहीं होने से खिलाड़ियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि कई खिलाड़ी सीमित संसाधनों में प्रशिक्षण लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं, लेकिन सरकार की ओर से मिलने वाला प्रोत्साहन समय पर नहीं मिल रहा. खिलाड़ियों ने सरकार से मांग की है कि आउट ऑफ टर्न नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, प्राइज मनी का शीघ्र भुगतान किया जाए तथा पैरा खिलाड़ियों के साथ नौकरी, पद और सुविधाओं में किसी भी प्रकार का भेदभाव समाप्त किया जाए.



Leave a Comment