नौकरी की तलाश छोड़ें, शुरू करें बकरी पालन! सरकारी योजना से मिलेगा आर्थिक सहारा


होमताजा खबरकृषि

नौकरी की तलाश छोड़ें, शुरू करें बकरी पालन! सरकारी योजना से मिलेगा आर्थिक सहारा

Last Updated:

Goat Farming: सरकार की 10+1 बकरी इकाई योजना ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए कम लागत में बड़ा स्वरोजगार शुरू करने का शानदार मौका लेकर आई है. सिर्फ 10% निवेश पर 40% से 60% तक सब्सिडी, आसान बैंक लोन, मुफ्त बीमा और पशु चिकित्सा सुविधा के साथ बकरी पालन से अच्छी कमाई की राह खुल रही है.

Goat Farming: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए बकरी पालन आज सबसे भरोसेमंद और कम लागत वाला व्यवसाय बनकर उभर रहा है. अगर आप भी कम पूंजी लगाकर हर महीने अच्छी कमाई करना चाहते हैं तो सरकार की 10+1 बकरी इकाई योजना आपके लिए बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है. इस योजना के तहत हितग्राही को 10 उन्नत नस्ल की बकरियां और 1 उच्च गुणवत्ता का बकरा उपलब्ध कराया जाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार व्यवसाय शुरू करने के लिए 40% से 60% तक सब्सिडी देती है जबकि बाकी राशि आसान बैंक लोन के माध्यम से उपलब्ध हो जाती है. इसके साथ ही बीमा, पशु चिकित्सा और शुरुआती चारा जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं जिससे बकरी पालन का व्यवसाय पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और लाभदायक बन जाता है.

योजना की लागत और कितनी मिलेगी सब्सिडी?
लोकल 18 से बातचीत में सतना जिला पशु चिकित्सालय में योजना शाखा का कार्य देख रहीं मानसी सिंह ने बताया कि 10+1 इकाई योजना की कुल लागत लगभग 77,456 रुपये निर्धारित की गई है. इसमें हितग्राही को अपनी ओर से केवल 10 प्रतिशत यानी करीब 7,746 रुपये का अंशदान करना होता है. सामान्य और ओबीसी वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत यानी 30,982 रुपये की सब्सिडी दी जाती है जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 60 प्रतिशत यानी 46,474 रुपये तक का अनुदान मिलता है. वहीं, बची हुई राशि बैंक लोन के जरिए आसानी से किस्तों में उपलब्ध कराई जाती है.

योजना में मिलती हैं कई अतिरिक्त सुविधाएं
यह योजना केवल सब्सिडी तक सीमित नहीं है बल्कि पशुपालकों को कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं. इसमें साथ ही बकरियों का 5 वर्ष तक मुफ्त या रियायती बीमा, शुरुआती 3 महीने का दाना-आहार तथा मुफ्त पशु चिकित्सा सुविधा भी दी जाती है. इससे पशुओं की देखभाल आसान हो जाती है और बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक नुकसान का खतरा भी कम रहता है. बेहतर नस्ल की बकरियों के कारण दूध और मांस उत्पादन में वृद्धि होती है जिससे पशुपालकों की आय लगातार बढ़ने की संभावना रहती है.

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशु औषधालय में जाकर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करना होगा. वहां से आवेदन पत्र प्राप्त कर उसे सही जानकारी के साथ भरना होगा. आवेदन के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और यदि लागू हो तो जाति प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य है. इसके अलावा 10 परसेंट कंट्रीब्यूशन की व्यवस्था का प्रमाण या बैंक लोन सहमति पत्र भी आवेदन के साथ देना होता है.

ऐसे होगी चयन प्रक्रिया
आवेदन जमा होने के बाद विभाग द्वारा दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाती है. इसके बाद चयन समिति पात्र हितग्राहियों का चयन करती है. आवेदन स्वीकृत होने पर लाभार्थी को 10+1 बकरी इकाई का लाभ दिया जाता है और निर्धारित सरकारी सब्सिडी सीधे उसके बैंक खाते में भेजी जाती है. इसके बाद बैंक से ऋण प्रक्रिया पूरी कर व्यवसाय शुरू किया जा सकता है.

सतना जिले में कई किसान उठा रहे हैं लाभ
सतना जिले के उचेहरा, नागौद, मझगवां, रामपुर, जैतवारा जैसे ब्लॉक सहित शहरी क्षेत्र में नजीराबाद के कई पशुपालक इस योजना का लाभ लेकर सफलतापूर्वक बकरी पालन का व्यवसाय कर रहे हैं. कम निवेश, सरकारी सहायता, बीमा और चिकित्सा सुविधाओं के कारण यह योजना ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और छोटे किसानों के लिए स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बन रही है. यदि आप भी पशुपालन के जरिए स्थायी आय का स्रोत बनाना चाहते हैं तो 10+1 इकाई योजना आपके लिए एक बेहतर शुरुआत साबित हो सकती है.

About the Author

authorimg

Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…

और पढ़ें



Leave a Comment