नौकरी तलाशने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे Gen Z, योगी सरकार की ‘यूथ अड्डा’ पहल से संवर रहा यूपी का युवा


डिजिटल टीम, लखनऊ। आज की ‘जेन जी’ (Gen Z) केवल पारंपरिक नौकरियों के पीछे भागने के बजाय नवाचार, स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस और आत्मनिर्भरता में अपना भविष्य देख रही है। इंटरनेट और डिजिटल क्रांति के दौर में बड़े हुए युवाओं की इसी बदलती सोच और आकांक्षाओं को समय रहते पहचानते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में ‘यूथ अड्डा’ के रूप में एक क्रांतिकारी इकोसिस्टम विकसित किया है।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत संचालित यह पहल युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि ‘रोजगार देने वाला’ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक और सामाजिक बदलाव ला रही है।

चाय-कॉफी पर सहज चर्चा से बिजनेस मॉडल तक का अनौपचारिक मॉडल

पारंपरिक और उबाऊ प्रशिक्षण केंद्रों की अवधारणा को बदलते हुए ‘यूथ अड्डा’ को एक आधुनिक, अनौपचारिक और कॉफी शॉप जैसे सहज माहौल के रूप में डिजाइन किया गया है। यहां युवा और भावी उद्यमी बैठकर अपने इनोवेटिव बिजनेस आइडिया साझा कर सकते हैं। अनुभवी मेंटर्स, बैंकरों और सफल उद्योगपतियों से सीधे संवाद कर सकते हैं। बिजनेस प्लान, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी पा सकते हैं।

कॉलेज से सीधे स्टार्टअप: AI, ड्रोन और ई-कॉमर्स पर विशेष ध्यान

‘यूथ अड्डा’ का मुख्य फोकस प्रदेश के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई संस्थानों के छात्रों पर है, ताकि डिग्री पूरी करने के साथ ही उनके पास खुद का व्यवसाय शुरू करने की स्पष्ट योजना हो। युवाओं को वैश्विक मानकों पर तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और डिजिटल मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है जोखिम कम करने के लिए नए उद्यमियों को 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जा रहा है। आइडिया से लेकर उद्यम पंजीकरण, जीएसटी, लोन मंजूरी, ब्रांडिंग और व्हाट्सएप बिजनेस के जरिए बाजार तक पहुंच में लगातार मदद दी जाती है।

वर्ष 2027 तक का लक्ष्य: ₹1,000 करोड़ का लोन और 5 लाख युवाओं को जोड़ने का प्लान

सरकार का लक्ष्य इस व्यवस्था को प्रदेश के सभी 75 जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाना है, ताकि महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कुटीर उद्योगों को भी ब्रांडिंग व मार्केटिंग का लाभ मिल सके। वर्ष 2027 तक इस योजना के माध्यम से 5 लाख से अधिक युवाओं को इस इकोसिस्टम से जोड़ा जाएगा। ₹1,000 करोड़ से अधिक का बैंक लोन उपलब्ध कराया जाएगा। 10,000 से अधिक नए उद्यम/फ्रेंचाइजी स्थापित किए जाएंगे और 25,000 एमएसएमई को सशक्त बनाया जाएगा।

यूपीकॉन निभा रहा मुख्य भूमिका

उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPICON) इस पूरी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन कर रहा है। यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह के अनुसार, “‘यूथ अड्डा’ केवल एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को गति देने का एक सशक्त जरिया है। यहाँ प्रशिक्षण, बैंकिंग सहायता, मेंटरशिप और उद्योग जगत से जुड़ाव एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराया जा रहा है।”



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